जयपुर। केंद्र की मोदी सरकार की ओर लाए जा रहे नारी शक्ति वंदन बिल के प्रचार-प्रसार को लेकर जयपुर के बिरला ऑडिटोरियम में बुधवार को ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर सम्मेलन आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने महिलाओं की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि देश की राष्ट्रपति महिला हैं, वहीं देश और प्रदेश का बजट भी पीएम मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के हाथों में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मेलन केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि देश की ‘नारी शक्ति’ के सम्मान और सामर्थ्य का उत्सव है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों से लेकर आर्थिक नीतियों तक महिलाओं की भागीदारी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि केंद्र में वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी निर्मला सीतारमण के हाथों में है, वहीं राजस्थान में वित्त विभाग की कमान दीया कुमारी संभाल रही हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि महिलाओं को केवल प्रतिनिधित्व ही नहीं, बल्कि नेतृत्व की मुख्यधारा में भी स्थान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि वर्ष 2014 के बाद देश में महिलाओं के प्रति सोच में व्यापक बदलाव आया है। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसी योजनाओं ने समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। उन्होंने यह भी कहा कि उज्ज्वला योजना और घर-घर शौचालय निर्माण जैसे कदमों ने महिलाओं के स्वास्थ्य, सम्मान और जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हमारी मातृ शक्ति को नई ऊर्जा दी। 70 साल में किसी ने महिला की पीड़ा की तरफ ध्यान नहीं दिया, जबकि पीएम मोदी ने आते ही घर-घर शौचालय बनाकर माताओं-बहनों को सम्मान दिया। चूल्हे पर खाना बनाते समय माताओं-बहनों के फेफड़े खराब हो रहे थे, उज्ज्वला कनेक्शन देकर उन्हें बड़ी राहत दी।
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन का उद्देश्य केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित महिला आरक्षण से जुड़े इस महत्वपूर्ण अधिनियम के बारे में जन-जागरूकता बढ़ाना और इसकी उपयोगिता को आमजन तक पहुंचाना था।