गिरता रुपया, डगमगाती अर्थव्यवस्था – और सरकार गिना रही ‘फायदे’: सांसद कुलदीप इंदौरा
नई दिल्ली / श्रीगंगानगर | श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ सांसद कुलदीप इंदौरा ने लोकसभा में भारतीय रुपये में लगातार हो रही गिरावट के गंभीर मुद्दे को उठाते हुए केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर कड़ा प्रहार किया।
सांसद इंदौरा ने कहा कि भारतीय रुपया अब 94 रुपये प्रति अमेरिकी डॉलर के स्तर को पार कर चुका है और जिस गति से इसमें गिरावट आ रही है, जल्द ही यह 100 के स्तर को भी पार कर सकता है। उन्होंने इसे देश की आर्थिक स्थिरता के लिए अत्यंत चिंताजनक बताया।
उन्होंने कहा कि संसद में पूछे गए उनके प्रश्न के माध्यम से यह स्पष्ट हुआ है कि सरकार रुपये की गिरावट को रोकने में अब तक असफल रही है और इसके पीछे ठोस नीति व इच्छाशक्ति का अभाव है। उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ रुपए की गिरावट को रोकने न ही असमर्थ नहीं हुई है, बल्कि उल्टे संसद में दिए गए जवाब में गिरते रुपए का फायदा गिना रही है। इंदौरा ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब भाजपा विपक्ष में थी, तब वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी खुद कहा करते थे –
“रुपया गिर नहीं रहा है, देश की सरकार की साख गिर रही है।”
उन्होंने कहा कि आज वही स्थिति भाजपा के शासन में देखने को मिल रही है लेकिन मोदी सरकार उसका फायदा गिना रही है। रुपया लगातार कमजोर हो रहा है और सरकार अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए केवल वैश्विक परिस्थितियों का बहाना बना रही है।
सांसद ने कहा कि वर्ष 2014 में जहां रुपया लगभग 58-60 प्रति डॉलर था, आज वह 90 के पार पहुंच चुका है। यह भाजपा सरकार की आर्थिक कुप्रबंधन का स्पष्ट प्रमाण है। रुपये की इस गिरावट का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है – ईंधन महंगा हो रहा है, आयात लागत बढ़ रही है और महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है।
उन्होंने कांग्रेस पार्टी के दृष्टिकोण को रखते हुए कहा कि सरकार की गलत नीतियां, बढ़ता व्यापार घाटा, कमजोर होता निवेश माहौल और आर्थिक दिशा की कमी रुपये की गिरावट के प्रमुख कारण हैं।
इंदौरा ने कहा कि “यह केवल मुद्रा का अवमूल्यन नहीं, बल्कि सरकार की आर्थिक नीतियों की विफलता का आईना है।”
अंत में, उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि रुपये को स्थिर और मजबूत करने के लिए ठोस, पारदर्शी और समयबद्ध कदम उठाए जाएं, ताकि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले और आम जनता को राहत मिल सके।