फाइव स्टार होटल के मंच से मुख्यमंत्री ने किया अन्नदाता का अपमान, किसान विरोधी बयान के लिए माफी मांगें: टीकाराम जूली
जयपुर। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने एक बयान जारी कर कहा है कि शुक्रवार को एक पांच सितारा होटल में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान के अन्नदाता और उसकी जी-तोड़ मेहनत का सार्वजनिक रूप से उपहास उड़ाकर भाजपा की किसान-विरोधी विचारधारा का पुख्ता प्रमाण दिया है।
जूली ने कहा कि मुख्यमंत्री ने आज किसानों के नाम पर आयोजित कार्यक्रम में घोर असंवेदनशीलता का परिचय देते हुए यह तर्क दिया कि किसान साल में केवल 20-25 दिन ही काम करता है और बाकी 11 महीने बैठकर आर्थिक मज़बूती की उम्मीद रखता है। मुख्यमंत्री का यह बयान उन करोड़ों किसानों का अपमान है, जो हाड़ कंपा देने वाली ठंड और झुलसा देने वाली धूप में दिन-रात पसीना बहाते हैं। मुख्यमंत्री का यह वक्तव्य न केवल धरातल की सच्चाई से परे है, बल्कि प्रदेश के मेहनतकश किसान के आत्मसम्मान को गहरी चोट पहुँचाने वाला है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री का यह तर्क न केवल शर्मनाक है, बल्कि किसानों की व्यावहारिक समस्याओं के प्रति उनकी असंवेदनशीलता को भी दर्शाता है। मुख्यमंत्री कहते हैं कि किसान के खेत से पानी बह जाता है लेकिन वह डिग्गी तक नहीं बनाता और शहरों में जाकर रहने लगा है। श्री जूली ने पलटवार करते हुए कहा कि एक तरफ तो सरकार संसाधनों के अभाव और खाद-बीज की किल्लत से किसान की कमर तोड़ रही है, और दूसरी तरफ मुख्यमंत्री उनकी मेहनत पर सवाल उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री को यह समझना चाहिए कि किसान मजबूरी में शहर नहीं जाता, बल्कि खेती को घाटे का सौदा बना देने वाली ‘डबल इंजन’ सरकार की गलत नीतियों के कारण वह संघर्ष कर रहा है।
जूली ने कड़े शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री का यह बयान दरअसल भाजपा की मूल किसान-विरोधी सोच का ही प्रतिबिंब है। जब प्रदेश का किसान खाद के लिए लंबी-लंबी कतारों में खड़ा हुआ था, तब यह सरकार मौन थी। हाल ही में हुई भारी ओलावृष्टि से प्रदेश के अन्नदाता की साल भर की कमाई मिट्टी में मिल गई, लेकिन संवेदनहीनता की पराकाष्ठा देखिए कि मुख्यमंत्री को इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा है।
अभी कुछ दिन पहले ही कोटा में कर्ज के बोझ से दबे किसान की फसल का कम दाम मिलने से परेशान होने के बाद मृत्यु हो गई,ये प्रदेश में किसान की वास्तविक स्थिति है।
जूली ने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों के प्रति इस उपेक्षा का इतिहास पुराना है। मोदी सरकार किसानों के खिलाफ तीन काले कानून लेकर आई थी, जिसके विरोध में देश का अन्नदाता महीनों तक सड़कों पर धरने पर बैठा रहा, लेकिन प्रधानमंत्री जी का दिल नहीं पसीजा। आज वही क्रूर मानसिकता राजस्थान की भाजपा सरकार के बयानों में भी झलक रही है, जहाँ फाइव-स्टार होटलों के मंचों से किसानों की मेहनत का अपमान करना एक परिपाटी बन गया है।
नेता प्रतिपक्ष नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पुरजोर मांग की है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा किसानों के खिलाफ दिए गए इस अपमानजनक बयान के लिए तुरंत माफी मांगें। उन्होंने कहा कि प्रदेश का अन्नदाता इस अपमान को सहन नहीं करेगा।
जूली ने चेतावनी देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को अपने शब्द वापस लेने चाहिए और पांच सितारा होटलों से बाहर निकलकर खेतों में जाकर उन किसानों की सुध लेनी चाहिए, जिनकी मेहनत का आज उन्होंने सार्वजनिक रूप से मजाक उड़ाया है।