जयपुर। राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान खाद-बीज वितरण को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के बाद विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला। तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादलों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए गए। इस दौरान सरकार अपनी ही पार्टी के विधायकों के सवालों से घिरी दिखी।
खाद-बीज वितरण पर सरकार को घेरा
प्रश्नकाल में विधायक इंदिरा मीणा ने प्रदेश में किसानों को समय पर खाद-बीज न मिलने का मुद्दा उठाया और सरकार के दावों पर सवाल किए। उन्होंने कहा कि उपलब्धता के आंकड़े सही हो सकते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर किसानों को खाद नहीं मिल रही। उन्होंने कहा कि बीच में खाद-बीज रोकने वाला कौन हैं और उसके खिलाफ क्या कार्रवाई होगी ?
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने जवाब देते हुए कहा कि डिमांड और सप्लाई के आंकड़े पारदर्शी हैं। 3 लाख मीट्रिक टन यूरिया की आपूर्ति की गई है, जो मांग से अधिक है। कभी-कभी किसानों के एक साथ आने से लाइन लग जाती है। हल्की-फुल्की कालाबाजारी की शिकायतें हो सकती हैं, लेकिन कंपनी से रैक के जरिए सीधी आपूर्ति में घोटाले की गुंजाइश नहीं है। निलंबित डीलरों की बहाली पर सवाल पर मंत्री ने कहा कि लापरवाही पर कार्रवाई हुई और संतोषजनक जवाब मिलने पर बहाली की गई। फर्टिलाइजर में 107 एफआईआर, बीज में 5 एफआईआर दर्ज हुईं, 605 कारण बताओ नोटिस जारी हुए, 178 लाइसेंस निलंबित किए गए, 28 गिरफ्तारियां हुईं और 27 फैक्ट्रियां सील की गईं। उन्होंने राजनीतिक दबाव से इनकार किया।
विधायक गोविंद प्रसाद ने तृतीय श्रेणी शिक्षकों के ट्रांसफर पर सवाल उठाया, जिस पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि फिलहाल पूर्ण प्रतिबंध है, लेकिन अत्यावश्यक मामलों में सक्षम स्तर से अनुमोदन के बाद स्थानांतरण हो सकते हैं। 2018 में कैंसर, किडनी ट्रांसप्लांट, पूर्ण दृष्टिहीन और 100% दिव्यांग शिक्षकों के सहमति पत्र पर तबादले हुए थे। नई ट्रांसफर नीति प्रक्रियाधीन है, उसके बाद ही आगे फैसला होगा। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर शिक्षकों को गुमराह करने का आरोप लगाया और टाइमलाइन मांगी। इस पर मंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार ने एक भी तबादला नहीं किया, जबकि भाजपा सरकार में 2200 तबादले हुए।