नई दिल्ली। शुक्रवार को संविधान का 131वां संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित नहीं हो सका। दो दिन 21 घंटे चली बहस के बाद मतदान के दौरान बिल के पक्ष में 298 सांसदों ने वोट किया,तो 230 सांसदों ने इसके विरोध में मतदान किया। लोकसभा में मौजूद 528 सांसदों ने वोट डाले। पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। विधेयक के गिरने के बाद विपक्ष ने इसे अपनी बड़ी जीत बताया है, तो वहीं बीजेपी ने शनिवार को देशभर में विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है।विरोध प्रदर्शन में एनडीए के बाकी दल भी हिस्सा लेंगे।
अमित शाह ने लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल गिरने के लिए कांग्रेस, टीएमसी पर निशाना साधा। अमित शाह ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि आज लोकसभा में बहुत अजीब दृश्य दिखा। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए जरूरी संविधान संशोधन बिल को कांग्रेस, TMC, DMK और समाजवादी पार्टी ने पारित नहीं होने दिया। महिलाओं को 33% आरक्षण देने के बिल को गिरा देना, उसका उत्साह मनाना और जयनाद करना सचमुच निंदनीय और कल्पना से परे है।
अमित शाह ने कहा कि अब देश की महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33% आरक्षण, जो उनका अधिकार था, वह नहीं मिल पाएगा। कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने यह पहली बार नहीं किया, बल्कि बार-बार किया है। उनकी यह सोच न महिलाओं के हित में है और न देश के। उन्होंने कहा, मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि नारी शक्ति के अपमान की यह बात यहां नहीं रुकेगी, दूर तक जाएगी। विपक्ष को ‘महिलाओं का आक्रोश’ न सिर्फ 2029 लोकसभा चुनाव में, बल्कि हर स्तर, हर चुनाव और हर स्थान पर झेलना पड़ेगा।
दूसरी ओर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लिखा है कि “मोदी-शाह ने देश की आधी आबादी को ढाल बनाकर डिलिमिटेशन करने की कोशिश की और इस देश के लोकतंत्र, संविधान और संघवाद को चोट पहुंचाने का कुत्सित प्रयास किया। उनकी ये चालबाजी एकजुट विपक्ष, ‘इंडिया’ ने भांप ली और संविधान संशोधन बिल गिर गया। हम सभी विपक्षी दलों के नेताओं का हृदय से आभार व्यक्त करते हैं।”
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक्स पोस्ट में लिखा, “संसद में डिलिमिटेशन बिल फेल हुआ। मोदी जी के अहंकार की हार हुई। मोदी सरकार की उल्टी गिनती शुरू।”