जयपुर। राजनीति में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण को लेकर बुलाए गए संसद के विशेष सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण को राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जनता को भ्रमित करने वाला बताते हुए कहा कि कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दल महिला आरक्षण के सबसे बड़े समर्थक हैं, लेकिन प्रधानमंत्री यह जताने का प्रयास कर रहे हैं कि कांग्रेस और विपक्ष महिला आरक्षण विरोधी है।
गहलोत ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि कांग्रेस महिला आरक्षण की सबसे बड़ी समर्थक है और यह कांग्रेस का ही विजन है। पिछले पच्चीस-तीस वर्षों में लाखों महिलाओं का ग्रासरूट पॉलिटिक्स में राजनीतिक तौर पर नेतृत्व करने का पूरा-पूरा श्रेय राजीव गांधी और कांग्रेस पार्टी को जाता है, जिन्होंने पंचायती राज और स्थानीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण देने की पहल की थी। यह राजीव गांधी का सपना था।
प्रधानमंत्री मोदी इस मौके पर राजीव गांधी जी को याद करते और यूपीए सरकार के प्रयासों की बात करते, तो सदन में पक्ष-विपक्ष में अच्छा माहौल बनता, लेकिन मोदी ने अपने वक्तव्य में देशवासियों को भ्रमित करने की कोशिश की और यह जताने का प्रयास किया जैसे महिला आरक्षण का कांग्रेस सहित विपक्षी दल विरोध कर रहे हों। जबकि सत्य यह है कि महिला आरक्षण के सभी पक्षधर हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी के पास आज फिर मौका था कि वे पक्ष-विपक्ष को साथ लेकर चलते, लेकिन उन्होंने इस मौके का इस्तेमाल भी देशवासियों को मिसलीड करने के लिए किया। क्या प्रधानमंत्री ने इतने महत्वपूर्ण विषय पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से चर्चा की? पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण के खिलाफ कोई नहीं है, परंतु इसकी आड़ में परिसीमन करने का प्रयास किया जा रहा है। क्या परिसीमन के मुद्दे पर दक्षिण के राज्यों सहित सभी राज्यों और अन्य स्टेकहोल्डर्स से चर्चा हुई है?
गहलोत ने कहा कि कांग्रेस की ही सोच थी कि देश को प्रथम महिला राष्ट्रपति के तौर पर प्रतिभा पाटिल मिलीं और महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी हुईं। मीरा कुमार महिला स्पीकर हुईं और भी अनेक पदों पर महिलाओं ने नेतृत्व किया है। हालांकि भाजपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष आज तक कोई महिला नहीं बन सकी है।