जयपुर। राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में पंचायत राज संस्थाओं और नगरीय निकाय चुनाव, ग्रामीण रोजगार, OBC आरक्षण, श्रमिक हित, कृषि, औद्योगिक विकास, पर्यावरण और अक्षय ऊर्जा से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में सरकार ने वन स्टेट-वन इलेक्शन की अवधारणा के तहत पंचायत और निकाय चुनावों की प्रक्रिया को एक साथ आगे बढ़ाने की दिशा में फैसला किया। वहीं ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार की गारंटी को बढ़ाकर 125 दिन करने वाली योजना को मंजूरी दी गई।
बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि कैबिनेट ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका संवर्धन और विकास के लिए विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन ग्रामीण योजना शुरू करने की मंजूरी दी। उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने बताया कि योजना विकसित भारत और विकसित राजस्थान-2047 के विजन के अनुरूप ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर, समावेशी और दीर्घकालिक रूप से मजबूत करने में मदद करेगी। योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को वित्तीय वर्ष में 125 दिवस रोजगार की गारंटी मिलेगी। रोजगार उपलब्ध कराने के साथ जल संरक्षण, परिसंपत्ति निर्माण और आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्य भी कराए जाएंगे। योजना में डिजिटल मॉनिटरिंग की व्यवस्था के साथ महिलाओं और कमजोर वर्गों की भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा।
मंत्रिमंडल ने राजस्थान सरकारी कर्मचारी बीमा नियम, 1998 में संशोधन को भी मंजूरी दी है। यह संशोधन 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा। अब कर्मचारी जिस वित्तीय वर्ष में सेवानिवृत्त होगा, उस वर्ष की शुरुआत में ही उसकी बीमा पॉलिसी समाप्त नहीं होगी, बल्कि उसे वास्तविक सेवानिवृत्ति तिथि तक लगातार बीमा कवरेज मिलेगा। नई व्यवस्था में मृत्यु अथवा सेवानिवृत्ति के ठीक पूर्ववर्ती माह तक प्रीमियम का प्रावधान रहेगा। कर्मचारी के पास सेवानिवृत्ति से तीन माह पहले प्रीमियम कटौती बंद कराने का विकल्प भी होगा। ऐसी स्थिति में शेष प्रीमियम को बिना ब्याज बीमित राशि से समायोजित किया जाएगा।