कोलकाता। पश्चिम बंगाल के उत्तरी कोलकाता स्थित चोरबागान दुर्गा पूजा के सामुदायिक आयोजन के दौरान शनिवार शाम भगदड़ मचने से 18 लोगों की मौत हो गई और घटना में कम से कम 45 लोग घायल हो गए। उत्तरी कोलकाता के मुक्ता राम बाबू स्ट्रीट स्थित चोरबागान सर्बोजोनिन दुर्गा पूजा पंडाल में हुईं इस घटना के बाद अफरा तफरी मच गई। हालांकि आधिकारिक आंकड़ा आने पर ही मृतकों और घायलों की संख्या स्पष्ट हो पाएगी।
सूचना मिलने पर पुलिस ने घायल लोगों को नजदीकी कलकत्ता मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। कोलकाता पुलिस के सीनियर अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
घटना को लेकर एडिशनल पुलिस कमिश्नर कुणाल अग्रवाल ने बताया कि शनिवार शाम करीब 7:40 बजे, भारी बारिश और भारी भीड़ के बीच, सरदा पार्क पूजा पंडाल से निकलने वाले गेट पर भगदड़ मच गई। भगदड के बाद सभी घायलों को मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल भेज दिया गया। साथ ही फायर ब्रिगेड, कोलकाता पुलिस, डिजास्टर मैनेजमेंट ग्रुप, और मेडिकल टीमों को एम्बुलेंस के साथ मौके पर भेजा गया। घटना के बाद पूजा पंडाल अभी विज़िटर्स के लिए बंद कर दिया गय है। अब तक मिली जानकारी के आधार पर, 18 लोगों की मौत हुई है। लगभग 45 लोगों को मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल ले जाया गया है।
बताया जाता है कि जैसे ही बारिश शुरू हुई,वैसे ही चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल के बाहर प्रतीक्षा कर रही भीड़ आगे की ओर भागी, जिससे कुछ लोग सड़क पर गिर गए और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। मीडिया रिपोर्टस में यह जानकारी भी आ रही है कि पूजा पंडाल के निकास द्वार के ढांचे का एक हिस्सा ढह जाने के बाद वहां आए दर्शनार्थियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। एक खबर के मुताबिक, घनी भीड़ में से कई लोग अचानक चिल्लाए कि पंडाल में आग लग गई है, जिससे शायद भगदड़ मच गई। हालांकि भगदड़ के स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आए हैं।
घटना के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी के राज्यसभा सदस्य कलकत्ता मेडिकल कॉलेज पहुंचे और वहां भर्ती लोगों की स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि वे घायलों के लिए सबसे बेहतर इलाज सुनिश्चित करें।
इसी के साथ कोलकाता पुलिस के जवान, राज्य आपदा प्रबंधन और दमकल सेवा विभागों की टीमों के साथ राहत और बचाव कार्य शुरू करने के लिए घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। पूजा आयोजकों ने पंडाल परिसर में प्रवेश रोक दिया है और वहां की लाइटें बंद कर दी हैं। पूजा आयोजक के अनुसार अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह घटना कैसे हुई। अभी हमारा पूरा ध्यान बचाव कार्य पर है, और हमारा मुख्य काम घायलों को अस्पताल पहुंचाना है। पुलिस बल के साथ-साथ राज्य दमकल सेवा और राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें मौके पर मौजूद हैं।