जयपुर। क्या राजस्थान पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट को हैक कर लिया गया है ? क्या आधिकारिक वेबसाइट खुल नहीं रही है, और डार्क वेब पर हैकर ग्रुप की ओर से किए गए दावे के अनुसार राजस्थान पुलिस वेबसाइट के डेटा में सेंधमारी की गई है। इस खबर के बाद सरकारी ईमेल व्यवस्था का सुरक्षा ऑडिट करवाने के अलावा जांच की जा रही है।
फिलहाल, राजस्थान पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट ओपन नहीं हो रही है। डार्क वेब पर एक हैकर ग्रुप द्वारा राजस्थान पुलिस की वेबसाइट को हैक करके संवेदनशील डेटा में सेंधमारी के दावों को लेकर पुलिस और सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने जांच शुरू कर दी है। हैकिंग को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है और पूरे मामले की जांच के लिए दिल्ली से कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम जयपुर पहुंच गई है।यह टीम DoIT और राजस्थान पुलिस की साइबर सेल के साथ सर्वर की जांच कर रही है।
इस बारे में पुलिस साइबर क्राइम विंग के डीआईजी शांतनु कुमार सिंह का कहना है कि शुरुआती जांच में वेबसाइट हैक होने के सबूत नहीं मिले हैं। हालांकि, हैकर्स के दावों के आधार पर DoIT के उप निदेशक मुकेश गडोदिया की ओर से साइबर थाने में आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करवाया गया है। हालांकि इससे पहले हैकर्स ने डार्क वेब पर पुलिस और आम जनता से जुड़ी संवेदनशील और गोपनीय जानकारी हाथ लगने का दावा करके सबको चौंका दिया था। एडीजी साइबर क्राइम वीके सिंह का कहना है कि इन दावों को लेकर सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DoIT) जांच कर रहा है।
इधर, जांच पूरी होने तक सरकार और पुलिस का कामकाज केंद्र सरकार के सर्वर nic.in पर शिफ्ट किया गया है। साइबर अटैक के अलर्ट के चलते प्रदेश में सरकारी ईमेल सिस्टम तीन दिन से बंद है। इससे प्रदेशभर के जिलों के कलेक्टर और एसपी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों का विभागीय संवाद प्रभावित हुआ है। इससे rajasthan.gov.in डोमेन से जुड़े 59 हजार ईमेल अकाउंट प्रभावित हुए हैं।
कुछ दिन पहले डार्क वेब पर हैकर्स ग्रुप ‘स्कारलेट’ ने 5,926 मेलबॉक्स, 86.3 लाख ईमेल, 78.3 लाख से ज्यादा विशिष्ट ईमेल, 70,301 पहचान रिकॉर्ड और 59,460 मोबाइल नंबर के डेटा में सेंधमारी करने का दावा किया था। इधर हैकर्स के दावों के बीच सर्वर की जांच और मेंटेनेंस कार्य के चलते राजस्थान पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट बंद है। राजकॉम्प सिटीजन ऐप से जुड़ी सेवाएं सुचारू रूप से चालू हैं। इधर, एसबीआई में डेटा लीक का मामला सामने आने के बाद सरकारी ईमेल व्यवस्था का सुरक्षा ऑडिट भी करवाया जा रहा है।