कांग्रेस ने पेश किया *‘जयपुर 2032 — परिवर्तन का संकल्प’*
*25 मिशन्स* के जरिए जयपुर को आधुनिक, स्वच्छ, सुगम, समृद्ध और अपनी विरासत से जुड़ा वैश्विक शहर बनाने की पाँच वर्षीय कार्ययोजना
जयपुर। जयपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुनील शर्मा ने आज *“जयपुर 2032 — परिवर्तन का संकल्प: पाँच वर्षीय जन-घोषणापत्र एवं कार्ययोजना 2027–2032”* प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जयपुर को एक *‘हैप्पी सुपर सिटी’* बनाने के लिए स्पष्ट लक्ष्य, समयसीमा और मापने योग्य परिणामों पर आधारित कार्ययोजना तैयार की है।
सुनील शर्मा ने बताया कि कार्ययोजना को 25 प्रमुख मिशन्स में बाँटा गया है। इनमें क्लीन एवं ग्रीन जयपुर, वैज्ञानिक जल निकासी और जलभराव प्रबंधन में GIS एवं सैटेलाइट तकनीक का इस्तेमाल, स्वास्थ्य सुविधाएँ एवं मोबाइल हेल्थ यूनिट्स, हर वार्ड में खेल सुविधाएँ, व्यवस्थित वेंडिंग जोन्स, ई-चार्जिंग, सार्वजनिक पुस्तकालय, वैज्ञानिक कचरा निस्तारण, बाधाहीन फुटपाथ तथा बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए सुविधाजनक सार्वजनिक स्थान शामिल हैं। यातायात सुधार के लिए ट्रैफिक सेंसर्स, मशीन लर्निंग और आधुनिक डेटा एनालिसिस का उपयोग किया जाएगा।
घोषणापत्र समिति के अध्यक्ष एवं आरपीएससी के पूर्व चेयरमैन डॉ. बी. एम. शर्मा ने कहा कि आधुनिक विकास के साथ जयपुर की विरासत और पहचान को सुरक्षित रखना कांग्रेस की प्राथमिकता है। पुरानी हवेलियों का संरक्षण कर उन्हें म्यूजियम, रेस्टोरेंट, शिल्प बाजार और सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा तथा सूरज पोल से चाँदपोल तक विशेष Heritage Walkway विकसित किया जाएगा।
विधानसभा में कांग्रेस पार्टी के सचेतक श्री रफ़ीक ख़ान ने कहा कि जयपुर के शिल्प को विश्व बाजार तक पहुँचाने के लिए प्रमुख जयपुरी उत्पादों की GI टैग पहचान, ब्रांडिंग और निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा तथा निवेश और रोजगार बढ़ाने के लिए नियमित निवेश सम्मेलन आयोजित किए जाएँगे।
पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि भ्रष्टाचार और बिचौलिया व्यवस्था समाप्त करने के लिए नगर निगम की प्रमुख सेवाओं का डिजिटलीकरण किया जाएगा। ई-गवर्नेंस प्लेटफार्म और सार्वजनिक डिजिटल डैशबोर्ड के जरिए परियोजनाओं की लागत, समयसीमा और प्रगति जनता के सामने उपलब्ध होगी।
विधायक अमीन काग़ज़ी ने कहा कि कांग्रेस जयपुरियत और ढूंढाड़ी भाषा के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। ढूंढाड़ी भाषा, लोककला, पारंपरिक खान-पान, तीज, गणगौर और अन्य त्योहारों को पर्यटन एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।
शर्मा ने कहा कि योजना में 150 वार्ड शहरी केंद्र, 500 किमी फुटपाथ, 300 किमी साइकिल मार्ग, 150 पुस्तकालय एवं ज्ञान केंद्र, 150 वार्ड खेल सुविधाएँ और 25 जल निकायों के पुनरोद्धार जैसे स्पष्ट लक्ष्य रखे गए हैं।
उन्होंने कहा, “जयपुर 2032 केवल घोषणाओं का दस्तावेज नहीं, बल्कि जनता के प्रति जवाबदेही का अनुबंध है—वादे नहीं, योजना; घोषणाएँ नहीं, परिणाम।”