जयपुर। पहले चरण में होने वाले वाले 162 निकायों के मतदान के लिए आज प्रचार समाप्त हो गए। मतदान वाले क्षेत्रों में सोमवार शाम 6 बजे चुनाव प्रचार थम गया। इसके साथ ही रैली, सभा, रोड शो, जुलूस और लाउडस्पीकर के जरिए प्रचार अब नहीं हो सकेगा। 9 सितंबर को होने वाले मतदान से पहले अब प्रत्याशियों के लिए व्यक्तिगत संपर्क और मतदान दिवस की तैयारियां अहम हो गई हैं। आयोग की गाइडलाइन के अनुसार प्रचार अवधि खत्म होने के बाद चुनाव क्षेत्र में बाहरी नेताओं और प्रचारकों की मौजूदगी भी नहीं रहेगी। अब प्रत्याशी स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ मतदाताओं से सीधे संपर्क कर सकेंगे। सार्वजनिक मंच और माइक की जगह घर-घर पहुंचकर वोट की अपील पर जोर रहेगा। पहले चरण में 9 सितंबर को 162 नगर निकायों में मतदान होगा। इनमें 4 नगर निगम, 24 नगर परिषद और 134 नगर पालिकाएं शामिल हैं।
48 घंटे में बदल जाएगी चुनावी तस्वीर। राज्य निर्वाचन आयोग के नियमों के मुताबिक मतदान से 48 घंटे पहले सार्वजनिक प्रचार गतिविधियों पर रोक रहती है। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया को निर्धारित नियमों और शांतिपूर्ण माहौल में पूरा कराने के लिए आयोग की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। पहले चरण के मतदान के लिए सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। पोलिंग पार्टियां कल मतदान स्थलों के लिए रवाना हो जाएंगी। पहले चरण में जहां पर भी चुनाव हो रहे हैं, वहां पर अब चुनाव प्रचार का शोर थम गया है. प्रत्याशी सार्वजनिक सभा, जुलूस, रोड शो या लाउडस्पीकर के जरिए प्रचार नहीं कर सकेंगे। अब प्रत्याशी सिर्फ डोर-टू-डोर संपर्क के जरिए ही वोट मांग सकते हैं।
आयोग की गाइडलाइन के अनुसार मतदान से 48 घंटे पहले चुनाव प्रचार थमने के साथ ही चुनाव वाले क्षेत्रों में बाहरी राजनीतिक नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी पर भी रोक प्रभावी हो जाती है। ऐसे नेता या कार्यकर्ता, जो संबंधित मतदान क्षेत्र के मतदाता नहीं हैं और चुनाव प्रचार के लिए वहां पहुंचे हैं, उन्हें निर्धारित समय के बाद क्षेत्र छोड़ना होता है। इसका उद्देश्य मतदान से पहले मतदाताओं को किसी भी तरह से प्रभावित करने की कोशिशों पर रोक लगाना है। प्रशासन और पुलिस इस अवधि में बाहरी लोगों की आवाजाही पर निगरानी रखते हैं। राजनीतिक दलों को भी अपने ऐसे नेताओं और कार्यकर्ताओं को क्षेत्र से बाहर भेजने के निर्देश दिए जाते हैं. हालांकि, स्थानीय निवासी और संबंधित क्षेत्र के मतदाता अपने सामान्य कार्यों के लिए वहां रह सकते हैं। नियमों का उल्लंघन होने पर प्रशासन कार्रवाई कर सकता है।
9 सितंबर को 4 नगर निगम, 24 नगर परिषद और 134 नगर पालिकाओं में मतदान होगा, जिसमें बीकानेर, अलवर, भरतपुर और भीलवाड़ा नगर निगम हैं, जबकि नागौर, कोटपूतली, चूरू, सुजानगढ़, धौलपुर, सवाई माधोपुर, शाहपुरा, चौमूं, जालोर, बारां, बूंदी, झालावाड़, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, डीडवाना, कुचामन सिटी, करौली, भिवाड़ी, खैरथल, तिजारा, जैसलमेर, बाड़मेर और ब्यावर नगर परिषद हैं।
इसी प्रकार जिन नगर पालिका में मतदान होना है उसमें केकड़ी, पीसांगन, सरवाड़, नसीराबाद, सावर, तांतोटी, जायल, मूंडवा, बासनी, कुचेरा, निवाई, पीपलू, देवली, उनियारा, दूनी, विजयनगर, मसूदा, बीगोद, पावटा-प्रागपुरा, विराटनगर, नारायणपुर, बानसूर, सूरतगढ़, श्रीविजयनगर, रायसिंहनगर, अनूपगढ़, घड़साना, नोहर, भादरा, संगरिया, टिब्बी, रावतसर, राजगढ़, रतननगर, छापर, भुसावर, रूपवास, राजाखेड़ा, मनियां, सैपऊ, बौंली, खंडार, बगरू, चाकसू, जोबनेर, किशनगढ़-रेनवाल, फुलेरा, सांभर, बस्सी, दूदू, जमवारामगढ़, कालाडेरा, कानोता, खेजरोली, मनोहरपुर, नारायणा, फागी, वाटिका, रामगढ़, नौगांव, मालाखेड़ा, बहादुरपुर शामिल हैं।
साथ ही लक्ष्मणगढ़, खाटूश्यामजी, दांता, नीमकाथाना, श्रीमाधोपुर, खंडेला, रींगस, अजीतगढ़, पलसाना, पिलानी, चिड़ावा, मंड्रेला, विद्याविहार, सिंघाना, बुहाना, मंडावा, बिसाऊ, मलसीसर, आहोर, सायला, सोजत सिटी, सोजत रोड, रानीखुर्द, मारवाड़ जंक्शन, शिवगंज, आबूरोड, मंडार, रामगंजमंडी, सुकेत, सांगोद, इटावा, सुल्तानपुर, अंता, सीसवाली, देई, केशवरायपाटन, झालरापाटन, भवानीमंडी, डग, भींडर, वल्लभनगर, फतेहनगर-सनवाड़, बेगूं, रावतभाटा, नाथद्वारा, आमेट, अरनॉद, खाजूवाला, नोखा, देशनोक, लूणकरणसर, श्रीडूंगरगढ़, नापासर, बालेसर सत्ता, भोपालगढ़, बिलाड़ा, मथानिया, तिवरी, पीपाड़ सिटी, जसोल, गुड़ामालानी, समदड़ी, कामां, पहाड़ी, सीकरी, बांदीकुई, बसवा, मंडावर, महुवा, सिकराय, भांडारेज, सपोटरा और मंडरायल नगर पालिका शामिल हैं।