केरल में 10 साल बाद कांग्रेस की सत्ता में वापसी

तिरुवनंतपुरम। केरल में 10 साल बाद कांग्रेस गठबंधन की सत्ता में वापसी हो गई है और यह गठबंधन 102 सीटों पर आगे चल रहा है वहीं लेफ्ट का आखिरी किला भी ध्वस्त हो चुका है।

केरल में विधानसभा चुनाव नतीजों को लेकर स्थिति साफ हो गई है। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) को बड़ी जीत मिली है। जबकि सत्तारूढ़ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) हार चुका है।

चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जारी नतीजों के मुताबिक, कांग्रेस अब तक 62 सीटें जीत चुकी है, जबकि 7 सीटों पर आगे है। इसी तरह उसकी सहयोगी पार्टी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) 18 सीटों पर जीत हासिल कर चुकी है और 4 सीट पर आगे हैं। एलडीएफ की तरफ से सीपीआईएम 24 सीटें जीत चुकी है और दो पर आगे है। सीपीआई 7 सीटें जीत चुकी है और एक पर आगे है। रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (RSP) ने तीन सीटें हासिल की हैं। केरल कांग्रेस ने छह सीटें जीत चुकी है और एक सीट पर आगे है। निर्दलीय समेत अन्य दलों ने सात सीटें जीतीं।
शुरुआती रुझानों में पिछड़ने के बाद मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन धर्मादम विधानसभा सीट से जीत गए हैं। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार वीपी अब्दुल रशीद को 19,247 मतों के अंतर से हराया। मतगणना पूरी होने के बाद सीएम विजयन को कुल 85,614 वोट मिले, जबकि रशीद कुल 66367 वोट हासिल कर दूसरे नंबर रहे। धर्मादम को LDF का गढ़ माना जाता है। 2021 के विधानसभा चुनाव में विजयन ने धर्मादम से 45,000 से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी।

केरल विधानसभा चुनाव में यूडीएफ की जीत पर कांग्रेस नेता वीडी सतीशन ने कहा कि हम केरल के लोगों के आभारी हैं। मैं यह जीत UDF नेताओं और कार्यकर्ताओं को समर्पित करता हूं। राज्य में सत्ता विरोधी लहर थी। हमने भविष्य के केरल के लिए एक नए युग पर चर्चा की. लोगों के बीच हमारी विश्वसनीयता थी। मैंने पहले कहा था कि 10 मंत्री हारेंगे, और वही हुआ।

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