जयपुर। पचपदरा रिफाइनरी में लगी आग के बाद राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम राजस्थान सरकार पर निशाना साधा है। जूली ने पूरे घटनाक्रम पर संदेह जताते हुए कहा कि “देखिए आज जिस प्रकार से रिफाइनरी के अंदर आग लगी और मोदी जी का दौरा रद्द हुआ, यह एक बहुत बड़ा संकेत है। रिफाइनरी के अंदर आखिर चल क्या रहा है? ”
जूली ने कहा कि जिस रिफाइनरी की शुरुआत हमने की, राज बदलने के बाद में इन लोगों ने अटका कर रखा, उस पर काम ही नहीं किया। जो लागत 37000 करोड़ थी, आज वह 80000 करोड़ से भी ज्यादा हो चुकी है। आखिर इसका जिम्मेदार कौन है?
इस रिफाइनरी का लाभ जनता को मिलना चाहिए था, राजस्थान की जनता को मिलना चाहिए था। लोगों को रोजगार मिलना चाहिए था, वह सब डिले हुआ। और आज आनन-फानन में आग लग गई। मुख्यमंत्री जी जा रहे हैं वहां पर जायजा लेने, तो फिर कौन सा जायजा लेने गए थे? यह सब चीजें दर्शाती हैं कि इन लोगों का जनता के विकास से कोई लेना-देना नहीं है। मार्केटिंग एजेंसियां बन गई हैं,अखबारों में ऐड दो, वहां पर बड़े-बड़े कटआउट्स लगाओ, होर्डिंग्स लगाओ, यह मत देखो कि हो क्या रहा है, तैयारी क्या चल रही है।
नेता प्रतिपक्ष का कहना है कि ,क्योंकि रिफाइनरी की घोषणा तो मुख्यमंत्री जी ने विधानसभा में कर दी थी कि हम इसको 15 अगस्त को शुरू करेंगे, 15 अगस्त भी गई, 26 जनवरी गई और आज भी है, इसको पूरी नहीं कर पाए। तो यह लापरवाही है, भयंकर लापरवाही है। इस पर ध्यान देना चाहिए, क्या कारण रहे हैं, किस वजह से आग लगी है, किस वजह से विस्फोट हुआ, और इतनी समय से जो रिफाइनरी पेंडिंग है।
जूली ने कहा कि पूरे राजस्थान का भविष्य है रिफाइनरी। राजस्थान का बहुत बड़ा विकास रिफाइनरी पर निर्भर करेगा। इतना पैसा यहां से आएगा, जो सोच हमारी थी, जो शुरुआत हमने की थी। लेकिन इनका क्या है यह तो बंद करने में लगे होंगे। इनका तो कोई मतलब ही नहीं है। जनता के विकास से कोई लेना-देना नहीं है। बातें करते रहो, बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, और धरातल पर कुछ है नहीं।