जयपुर। देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। इधर महिला कांग्रेस इस बढ़ोतरी के खिलाफ सड़कों पर उतरकर सरकार से जवाब मांग रही है।
देशभर में पेट्रोल के दाम में 3 रुपये 25 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद नई कीमत 107 रुपये 97 पैसे प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल 3 रुपये 2 पैसे महंगा होकर 93 रुपये 23 पैसे प्रति लीटर पहुंच गया है। अचानक हुई इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ने वाला है।
आम जनता का कहना है कि पहले से महंगाई की मार झेल रहे लोगों के लिए ईंधन की कीमतों में यह बढ़ोतरी अतिरिक्त बोझ लेकर आई है। खासतौर पर रोजाना निजी वाहन से आने-जाने वाले लोगों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों की चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने से सिर्फ वाहन चलाने की लागत नहीं बढ़ेगी, बल्कि इसका असर हर जरूरी वस्तु की कीमत पर भी पड़ेगा।
आम नागरिकों ने सरकार से मांग की है कि तेल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कोई बीच का रास्ता निकाला जाए, ताकि जनता को राहत मिल सके। कई लोगों ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच घरेलू बजट संभालना मुश्किल होता जा रहा है और अब ईंधन की कीमतों में वृद्धि ने स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने के बाद सार्वजनिक परिवहन, टैक्सी, ऑटो और माल ढुलाई के किराए में भी बढ़ोतरी हो सकती है। इससे खाद्य पदार्थों और अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम भी बढ़ने की आशंका है। ईंधन की कीमतों में हुई इस ताजा बढ़ोतरी ने आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है और अब सभी की नजर सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है। हाल ही में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगो से तेल की बचत की अपील की थी।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के विरोध में शुक्रवार को महिला कांग्रेस ने जयपुर में प्रदर्शन किया.l महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केंद्र सरकार पर आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ाने का आरोप लगाया। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सारिका चौधरी ने कहा कि मोदी सरकार महंगाई पर लगाम लगाने में पूरी तरह विफल रही है।