डोटासरा और जूली बरसे,बीजेपी सरकार को छोड़ेंगे नहीं

जयपुर। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट में हुए पेपर लीक को लेकर कांग्रेस ने केंद्र और राजस्थान की भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि जब तक बच्चों को न्याय नहीं मिलेगा कांग्रेस छोड़ने वाली नहीं है।

जयपुर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि मोदी सरकार के समय में अब तक 79 परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं। यह बात राहुल गांधी ने लोकसभा में ऑन रिकॉर्ड कही है। डोटासरा ने सीबीआई जांच पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सीबीआई केंद्र सरकार का तोता है, ऐसे में निष्पक्ष जांच की उम्मीद कैसे की जा सकती है। डोटासरा ने मांग की कि जिस कोचिंग के पास गेस पेपर पहुंचा, उसकी भी जांच हो और उचित कार्रवाई की जाए।

डोटासरा ने कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा पर निशाना साधते हुए कहा कि इतने बड़े पेपर लीक के बावजूद वे चुप क्यों हैं।
उन्होंने पूछा कि भाजपा कार्यकर्ता ने अपने पूरे परिवार को डॉक्टर कैसे बना दिया। डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर पूरी ताकत लगा देगी और युवाओं को न्याय दिलाने के लिए सड़कों पर उतरेगी। उन्होंने बताया कि सीबीआई द्वारा गिरफ्तार दिनेश मांगीलाल और विकास बिंवाल से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि साल 2025 में भी इन्होंने पेपर लीक के जरिए अपने परिवार के पांच बच्चों को सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिला दिलवाया था।

गोविंद डोटासरा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा कहते हैं कि राजस्थान में पिछले दो साल में कोई पेपर लीक नहीं हुआ, लेकिन आंकड़ों के साथ साबित है कि पेपर लीक हुए और सरकार ने उन्हें दबाया। उन्होंने कहा कि एनटीए द्वारा आयोजित परीक्षा के पेपर लीक होने के बाद भी उसी एजेंसी को दोबारा जिम्मेदारी दे दी गई।

डोटासरा ने एनटीए को आरएसएस और भाजपा के लोगों का मिला-जुला एनजीओ करार देते हुए कहा कि पेपर लीक भाजपा सरकार और केंद्र सरकार का प्रमुख धंधा बन गया है। सीबीआई द्वारा गिरफ्तार दिनेश बिंवाल भाजपा कार्यकर्ता है, फिर भी भाजपा नेता इससे पिंड छुड़ा रहे हैं. डोटासरा ने पूछा कि पेपर माफिया के घरों पर बुलडोजर क्यों नहीं चलाया जा रहा।

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए और छात्रों से माफी मांगनी चाहिए। जूली ने सवाल किया कि राजस्थान में 9 दिन तक एफआईआर क्यों दर्ज नहीं की गई। इसके लिए कौन जिम्मेदार है?. टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि इसमें भाजपा नेताओं की मिलीभगत है और मामला दबाया जा रहा है।

उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से पूछा कि वे पहले पेपर माफिया के मगरमच्छ पकड़ने की बात करते थे, अब बड़े मगरमच्छ कहां हैं? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल के कार्यकाल में करीब 100 परीक्षाओं के पेपर लीक होने का जवाब भाजपा को देना होगा। कांग्रेस ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह इस मुद्दे पर युवाओं के साथ सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष जारी रखेगी।

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