डबल इंजन सरकार में विकास ने तेजी पकड़ी विपक्ष गुमराह है

जयपुर। राजस्थान की वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बजट बहस का जवाब देते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार में विकास तेजी के साथ आगे बढ़ा है। इसी के साथ उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद डोटासरा की टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि बजट भाषण के दौरान पानी पीने पर सवाल उठाए गए। ‘हमारे समय में पानी सबके लिए उपलब्ध है। जल जीवन मिशन में कथित भ्रष्टाचार पर ध्यान नहीं गया, लेकिन मैंने कितनी बार पानी पिया, इस पर टिप्पणी हो रही है। यह कहते हुए दिया कुमारी ने सदन में पानी भी पिया।

दिया कुमारी ने कहा कि सरकार ‘राम जल सेतु’ जैसी योजनाओं पर काम कर रही है और वर्षों से लंबित पेयजल परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। अब तक 14 लाख से अधिक जल कनेक्शन उपलब्ध कराए जा चुके हैं। डोटासरा ने जवाब दिया कि पानी बर्बाद नहीं होना चाहिए, जिस पर संसदीय कार्य मंत्री ने हस्तक्षेप किया। दीया कुमारी ने कहा कि डबल इंजन सरकार का अर्थ नीतिगत समन्वय और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से है। उन्होंने बायतु विधायक पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि संभवतः एफआरबीएम एक्ट का अध्ययन नहीं किया गया। यह बजट दीर्घकालिक दृष्टि से तैयार किया गया है और स्पष्ट माइलस्टोन तय किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान की जीएसडीपी वृद्धि दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है और 2026-27 तक राज्य की जीएसडीपी 21 लाख करोड़ रुपए से अधिक होने का अनुमान है, जो कांग्रेस शासनकाल के अंतिम वर्ष से 41 प्रतिशत ज्यादा है। उनका दावा था कि राजस्थान 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में ‘ग्रोथ इंजन’ की भूमिका निभाएगा।

वित्त मंत्री ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कृषि बजट कांग्रेस सरकार की तुलना में 34 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने विपक्ष से कहा कि कम से कम आंकड़े तो सही रखिए। 2023-24 में 51,246 करोड़ रुपये के व्यय के मुकाबले आगामी वर्ष के लिए 68,980 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है, जो लगभग 35 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने बताया कि विभिन्न वर्गों से 38 हजार से अधिक सुझाव प्राप्त हुए, जिनका अध्ययन कर निर्णय लिया गया।

दीया कुमारी ने कहा कि 15वें वित्त आयोग की तुलना में 16वें वित्त आयोग में 60 प्रतिशत अधिक राशि की अनुशंसा की गई है। राज्य सरकार राजस्व आय बढ़ाने और राजकोषीय घाटा कम करने के लिए प्रतिबद्ध है। कांग्रेस शासन में राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 4.4 प्रतिशत था, जबकि वर्तमान सरकार ने 2025-26 में इसे 3.87 प्रतिशत और 2026-27 में लगभग 3.69 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य रखा है। कांग्रेस पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, खजाना खाली कर गए और सीख हमें देते हैं, घाटे के बीज बोकर हिसाब हमसे लेते हैं।

उन्होंने भर्तियां करने पर कहा कि एक लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है और एक लाख भर्तियों का कैलेंडर जारी किया गया है। निजी क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। बसंत पंचमी पर 1,32,528 बालिकाओं को 66 करोड़ रुपए से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से वितरित की गई है। दीया कुमारी ने कहा कि विपक्ष के कुछ सदस्य तथ्यात्मक आलोचना की बजाय राजनीतिक दृष्टि से बजट की निराधार आलोचना कर रहे हैं। ‘मैं आभारी हूं कि उन्होंने कम से कम बजट पढ़ा तो सही।’ उन्होंने नेता प्रतिपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आज उन्हें कविताओं के अलावा ज्यादा आलोचना का अवसर नहीं मिला।

दीया कुमारी ने कहा कि राज्य सरकार ने कर्मचारियों और खातेदारों को राहत देते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं.। नए प्रावधानों के अनुसार प्रशिक्षण के दौरान, प्रशिक्षण समाप्ति के बाद अथवा दो वर्ष की अवधि में यदि कोई राज्य कर्मचारी राज्य या केंद्र सरकार के अन्य विभाग में समायोजित होता है या सेवा परिवर्तन करता है, तो उससे प्रशिक्षण अवधि में दिए गए वेतन एवं भत्तों की वसूली नहीं की जाएगी। इससे कर्मचारियों को करियर उन्नयन में आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने राज्य कर्मचारियों के स्टेट इंश्योरेंस से जुड़े नियमों में भी संशोधन किया है। वर्तमान व्यवस्था में जिस वित्तीय वर्ष में कर्मचारी सेवानिवृत्त होता है, उस वर्ष 1 अप्रैल को ही उसकी स्टेट इंश्योरेंस पॉलिसी भुगतान योग्य (मेच्योर) हो जाती थी। इससे कर्मचारी अपनी वास्तविक सेवानिवृत्ति तिथि तक बीमा कवर से वंचित रह जाता था। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के तहत अब सभी राज्य कर्मचारियों को एक्सटेंडेड इंश्योरेंस मेच्योरिटी का लाभ मिलेगा और उनकी सेवानिवृत्ति तिथि तक बीमा कवर जारी रहेगा। इससे कर्मचारियों को रिटायरमेंट तक सुरक्षा कवच उपलब्ध रहेगा।

दिया कुमारी ने कहा कि सरकार ने भूमि संबंधी एक व्यावहारिक समस्या का समाधान भी किया है। कई मामलों में खातेदारी भूमि और मुख्य रास्ते के बीच सरकारी भूमि होने के कारण खेत तक पहुंच मार्ग उपलब्ध नहीं हो पाता था। इस वजह से ऐसी भूमि का गैर-कृषि प्रयोजन में परिवर्तन भी संभव नहीं हो पाता था। अब ऐसे मामलों में अधिकतम 20 फीट चौड़ाई तक की राजकीय पट्टी का आवंटन किया जा सकेगा। इसके लिए संबंधित खातेदार को उस कृषि भूमि की प्रचलित डीएलसी दर की दोगुनी राशि का भुगतान करना होगा। भुगतान के बाद खातेदार को पहुंच मार्ग के रूप में भूमि आवंटित की जाएगी। सरकार के इन फैसलों को प्रशासनिक सरलता, कर्मचारी हित और भूमि प्रबंधन सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

वित्त मंत्री दिया कुमारी ने यह घोषणाएं भी की:

690 करोड़ के नए सड़क काम होंगे।
पुरानी पेयजल पाइपलाइन बदलने के लिए 150 करोड़ देंगे ।
220 कराड़ के पेयजल के काम होंगे।
कोटा में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के पास नया इंडस्ट्रियल एरिया बनेगा।
एमएसएमई के नए आवेदन अब जिला उद्योग केंद्र में प्रोसेस होगा।
स्कूल कॉलेजों में नए सब्जेक्ट शुरू होंगे।
ट्रिपल आईटी कोटा में नए कोर्स शुरू होंगे। कोटा के ट्रिपल आईटी को एआई हब बनाया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज कोटा में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू होगी। कोटा के अस्पतालों में 25 करोड़ के काम होंगे।
75 हजार स्कूली बच्चों की आंखों की जांच कर उन्हें चश्मे दिए जाएंगे।
एक लाख महिलाओं को सेल्फ डिफेंस, काउंसलिंग की ट्रैनिंग दी जाएगी।
अंबेडकर ओबीसी छात्रावासों की सीटें बढ़ेंगी।
रामगढ़ विषधारी अभयारण्य में सफारी सुविधाओं पर 25 करोड़ खर्च होंगे।
बीकानेर के लूणकरणसर में मिनी सचिवालय बनाया जाएगा।
लूणी में नया पुलिस थाना बनेगा।

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