जयपुर। राजस्थान में स्थानीय निकाय और पंचायतीराज चुनावों के लिए राज्य मंत्रिमंडल ने दो से अधिक संतान वाले व्यक्तियों पर चुनाव लड़ने की पाबंदी हटाने के लिए दो अहम संशोधन विधेयकों को मंजूरी दे दी। ये विधेयक इसी सत्र में सदन में पेश कर पारित कराए जाएंगे।
बुधवार को कैबिनेट बैठक के बाद कानून मंत्री जोगाराम पटेल, ऊर्जा मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि कैबिनेट ने राजस्थान पंचायतीराज संशोधन बिल 2026 और राजस्थान नगरपालिका संशोधन बिल 2026 को स्वीकृति दे दी है. इन संशोधनों के बाद दो से ज्यादा बच्चों वाले भी पंचायत और शहरी निकाय चुनाव लड़ सकेंगे. उन्होंने कहा कि जब यह प्रावधान लागू किया गया था, तब जनसंख्या नियंत्रण प्रमुख उद्देश्य था। उस समय जनसंख्या विस्फोट की स्थिति थी, लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। बदलते सामाजिक और जनसांख्यिकीय परिदृश्य को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है। पटेल ने स्पष्ट किया कि सरकार पंचायत चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है और चुनाव कराना राज्य निर्वाचन आयोग का दायित्व है। चुनाव की प्रक्रिया राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकार क्षेत्र में आती है। कैबिनेट के इन फैसलों को सरकार ने प्रशासनिक सुधार, पारदर्शिता और विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बताया कि उदयपुर में आयरन और प्रोसेसिंग प्लांट लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। संबंधित कंपनी लगभग 500 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। इसके लिए 53 एकड़ भूमि आवंटित करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
राज्यवर्धन सिंह ने बताया कि जयपुर में बी-2 बायपास पर प्रस्तावित भारत मंडपम परियोजना की लागत 3500 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 5800 करोड़ रुपए करने को मंजूरी दी गई है। मंत्री राठौड़ ने बताया कि पहले अनुमानित लागत पर रेवेन्यू जनरेशन में 635 करोड़ रुपए का गैप आ रहा था। संशोधित मॉडल के तहत अब परियोजना की लागत 5800 करोड़ रुपए की गई है और अनुमान है कि इससे अधिक राजस्व प्राप्त होगा। सरकार का दावा है कि इस बदलाव से राज्य सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा। उद्योग मंत्री ने बताया कि राज निवेश पोर्टल पर औद्योगिक जमीनों का पूरा ब्योरा सार्वजनिक किया जाएगा। इससे निवेशकों को उपलब्ध जमीन की जानकारी आसानी से मिल सकेगी और निवेश प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा ने बताया कि प्रदेश में पारंपरिक चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अजमेर में एक नए आयुर्वेद एवं योग विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। कैबिनेट ने अजमेर आयुर्वेद एंड नेचुरोपैथी यूनिवर्सिटी बिल को मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित विश्वविद्यालय आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में उच्च शिक्षा और शोध को प्रोत्साहित करेगा। इससे प्रदेश के छात्रों को राज्य में ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी। डिप्टी सीएम ने बताया कि राजस्व आसूचना निदेशालय का विस्तार कर अब राजस्व आसूचना एवं आर्थिक अपराध निदेशालय का गठन किया जाएगा। इसका मुख्यालय जोधपुर में स्थापित होगा. यह नया निदेशालय बैंक धोखाधड़ी, शेयर बाजार से जुड़े फर्जीवाड़े, मल्टी लेवल मार्केटिंग के नाम पर होने वाली ठगी, जमीनों की धोखाधड़ी और सहकारी समितियों के माध्यम से होने वाले आर्थिक अपराधों पर रोक लगाने का कार्य करेगा। निदेशालय के लिए 60 नए पद सृजित किए गए हैं और आवश्यकतानुसार अन्य पद भी भरे जाएंगे। सरकार का उद्देश्य आर्थिक अपराधों पर सख्त निगरानी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।