RGHS संकट से बुजुर्ग पेंशनर्स कराह रहे और मुख्यमंत्री दिल्ली भ्रमण में व्यस्त; प्रदेश में गैस संकट पर मुख्यमंत्री तुरंत बुलाए सर्वदलीय बैठक: श्री टीकाराम जूली, नेता प्रतिपक्ष राजस्थान विधानसभा*
जयपुर। राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष श्री टीकाराम जूली ने प्रदेश की वर्तमान बदहाली पर भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि आज राजस्थान एक गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री जी जनता की पीड़ा समझने के बजाय ‘नॉन-रेसिडेंट मुख्यमंत्री’ की भूमिका निभा रहे हैं।
श्री जूली ने कहा कि भाजपा सरकार में स्वास्थ्य सेवाओं और RGHS योजना की हालत अब केवल चरमराहट तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी तरह पतन की स्थिति में पहुँच चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी अस्पतालों ने पिछले वर्ष ही चेतावनी दी थी कि भुगतान न मिलने पर सेवाएं रोकनी पड़ेंगी, लेकिन सरकार बेरुखी और संवेदनहीनता की मूर्ति बनी रही। आज प्रदेशभर में निजी अस्पतालों और दवा दुकानों के करोड़ों रुपये अटके पड़े हैं। इसकी सबसे बड़ी मार हमारे बुजुर्ग पेंशनर्स पर पड़ रही है। अब OPD में कैशलेस दवाएं मिलना बंद हो गई हैं और मरीज बिना इलाज के दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
*एलपीजी संकट पर सर्वदलीय बैठक बुलाए सरकार*
नेता प्रतिपक्ष ने राज्य में उपजे ऊर्जा और ईंधन संकट पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज प्रदेश की जनता गैस के लिए त्राहि-त्राहि कर रही है। इन बुनियादी सुविधाओं के अभाव ने आम आदमी का जीना मुहाल कर दिया है। श्री जूली ने सवाल उठाया कि क्या ऐसे गंभीर समय में मुख्यमंत्री जी को सभी दलों को साथ लेकर सर्वदलीय बैठक नहीं बुलानी चाहिए थी? ताकि मिलकर इस संकट का समाधान निकाला जा सके।
*’नॉन-रेसिडेंट’ मुख्यमंत्री: एक पैर हमेशा दिल्ली में*
मुख्यमंत्री की कार्यप्रणाली पर कटाक्ष करते हुए श्री जूली ने कहा कि राजस्थान की चिकित्सा और व्यवस्था लगभग ढह चुकी है, जनता का जीवन खतरे में है, लेकिन मुख्यमंत्री जी का एक पैर हमेशा दिल्ली में ही रहता है। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री जी को कॉंफिडेंट होकर नेतृत्व करना चाहिए था और स्वास्थ्य मंत्री जो को इस संकट को सुलझाने के लिए निर्देश देने चाहिए थे।
*तुलना करने वालों को आईना दिखाने का समय*
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के विजन की याद दिलाते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जो लोग तुलना की बात करते हैं, उन्हें एक बार अस्पतालों की जमीनी हकीकत देख लेनी चाहिए। कांग्रेस के समय जो स्वास्थ्य ढांचा खड़ा किया गया था, उसे भाजपा सरकार ने बर्बाद कर दिया है। आज प्रदेश कराह रहा है और मुख्यमंत्री दिल्ली घूम रहे हैं। अब विज्ञापनों के झूठ से जनता को और अधिक गुमराह नहीं किया जा सकता।