जयपुर। नीट पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ आक्रामक है। इस मामले को लेकर मोदी सरकार और भजनलाल सरकार को निशाने पर लेते हुए राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत,प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा के लोगों की अब पोल खोलने शुरू हो गई है।
गहलोत ने बुधवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि साल 2024, 2025 और 2026 में नीट का पेपर आउट हुआ है, यह बहुत ही गंभीर विषय है। 22 लाख बच्चों के भविष्य पर क्या गुजर रही होगी। गहलोत ने कहा कि एसओजी कितनी सफाई दे ले, उन्होंने एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की? अब बहानेबाजी कर रहे हैं। एसओजी के अधिकारियों को प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के लिए भेज देते हैं, क्या मतलब है, यह बहुत ही गंभीर मामला है, अब इन सब की पोल खुल जाएगी। अब तो भाजपा का पूर्व पदाधिकारी ही पेपर लीक का मास्टरमाइंड निकला है ऐसे में स्पष्ट है कि भाजपा इस मामले को क्यों दबाना चाहती थी।
इस मामले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि सीबीआई केंद्र सरकार का तोता है, इसलिए इस मामले की जांच संसद की ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमिटी से होनी चाहिए। न्यायिक आयोग का गठन होना चाहिए और सुप्रीम कोर्ट के जज की देखरेख में इस मामले की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अब बीजेपी के नेताओं को बताना चाहिए कि इस परीक्षा के बड़े-बड़े मगरमच्छों को कब पकड़ा जाएगा। डोटासरा ने कहा कि 2025-2026 में भी पेपर लीक हुआ था तब धर्मेंद्र प्रधान जोर-जोर से चिल्ला रहे थे कि मैं जवाब दूंगा और सुप्रीम कोर्ट में गलत बयान कर के बच गए, अब पतली गली से निकलकर भाग रहे हैं।
डोटासरा ने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि NTA एक एनजीओ है जो बीजेपी के लिए काम करती है। उस संस्था को नीट के पेपर की जिम्मेदारी दे दी गई है। तीन बार पेपर आउट हो गया। उन्होंने कहा कि इस बार परीक्षा इसलिए करा दी क्योंकि 22 लाख नए बच्चों का डाटा आ जाएगा और उसका इस्तेमाल चुनाव में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर पिछली बार जब पेपर लीक हुआ था तब सीबीआई की जांच हो जाती तो आज यह नौबत नहीं आती, लेकिन तब जांच नहीं दी गई, क्योंकि इससे केंद्र सरकार के बदनामी हो जाएगी।
डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस पर लगातार पेपर चोरी के आरोप लगाने वाली भाजपा को अब अपने गिरेबान में झांकना चाहिए, क्योंकि पेपर लीक में दो भाजपा नेताओं के नाम सामने आए हैं। आरोपियों के परिवार से पहले भी छह लोग सरकारी नौकरी में लगे थे और पेपर होने से पहले ही कह रहे थे कि हमारे परिवार के चार लोग इसमें सिलेक्ट होंगे।
डोटासरा ने कहा कि किरोड़ी मीणा हर चीज के लिए छापे मारते हैं तो उन्हें अब यहां पर जाकर छापे मारने चाहिए कि कौन-कौन उसमें आरोपी है, लेकिन वह चुप्पी साधकर बैठे हैं क्योंकि दिल्ली से पर्ची आ गई है, इसलिए वह चुप बैठ रहे हैं। पर्ची में कहा गया है कि एफआईआर दर्ज नहीं करनी है।
डोटासरा ने उदयपुर के कन्हैयालाल हत्याकांड मामले को लेकर कहा कि राजस्थान पुलिस जांच कर रही थी लेकिन केंद्र सरकार ने एनआईए को जांच दे दी। उसमें बीजेपी के लोग ही आरोपी निकल गए, तब से ही इस मामले को ठंडा बस्ते में डाल दिया है. उन्होंने कहा कि भाजपा ने सारा सिस्टम को कैप्चर कर रखा है जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन बच्चों के साथ न्याय होना चाहिए।
मारते हैं तो उन्हें अब यहां पर जाकर छापे मारने चाहिए कि कौन-कौन उसमें आरोपी है, लेकिन वह चुप्पी साधकर बैठे हैं क्योंकि दिल्ली से पर्ची आ गई है, इसलिए वह चुप बैठ रहे हैं। पर्ची में कहा गया है कि एफआईआर दर्ज नहीं करनी है।
इस मामले में भाजपा के नेताओं के साथ नीट पेपर लीक मास्टरमाइंड की फोटो आने पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जुली ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि स्पष्ट हो गया की 2024 और 2025 में भी पेपर लीक हुए थे लेकिन भाजपा इस मामले को दबाती रही क्योंकि इसमें मुख्य आरोपी तो भाजपा के नेता ही है।