गाय, किसान और महंगाई पर भाजपा के दावों की खुली पोल

 

गाय, किसान और महंगाई पर भाजपा के दावों की खुली पोल : टीकाराम जूली , नेता प्रतिपक्ष राजस्थान विधानसभा

जयपुर। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में कितना अंतर है, यह अब प्रदेश की जनता देख रही है। चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करने और भावनात्मक मुद्दों पर वोट मांगने वाली भाजपा सत्ता में आने के बाद जनता की समस्याओं से मुंह मोड़ रही है। गायों के नाम पर वोट मांगने वाली भाजपा सरकार में आज स्थिति यह है कि गौशाला संचालकों को समय पर अनुदान दिलवाने की मांग के लिए जयपुर आकर सरकार से गुहार लगाने को मजबूर होना पड़ रहा है। प्रदेश की जनता को याद है कि कांग्रेस सरकार ने गौशालाओं को नौ माह तक अनुदान देने का निर्णय लिया था, ताकि गौवंश की देखभाल में कोई कमी नहीं आए। भाजपा बताए कि गायों के नाम पर राजनीति करने वालों को आज गौशाला संचालकों की परेशानियां क्यों नहीं दिखाई दे रही हैं?

जूली ने कहा कि भाजपा ने वर्षों तक पाकिस्तान के नाम पर चुनावी राजनीति की और जनता को राष्ट्रवाद के नाम पर गुमराह करने का प्रयास किया। आज भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री मदन राठौड़ के पाकिस्तान के समर्थन में दिए गए बयान ने भाजपा की राजनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पाकिस्तान के मुद्दे पर भाजपा का यह दोहरा रवैया जनता के सामने है।

जूली ने कहा कि भाजपा ने चुनावों में नारा दिया था ‘बहुत हुई महंगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार’, लेकिन आज महंगाई ने आम आदमी का जीना मुहाल कर दिया है। रसोई का बजट बिगड़ चुका है, रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुएं महंगी हैं और आम परिवार अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए संघर्ष कर रहा है। दीपावली जैसे त्योहार पर भी आम आदमी को महंगाई से कोई राहत नहीं मिली। भाजपा बताए कि महंगाई कम करने के अपने वादे का क्या हुआ? जनता अब नारों से नहीं, बल्कि अपने जीवन की वास्तविक परिस्थितियों से सरकार के कामकाज का आकलन कर रही है।

जूली ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों के हितों की बात तो करती है, लेकिन किसानों को सिंचाई के लिए पानी तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए परेशान हैं और सरकार के पास उनकी समस्याओं का कोई ठोस समाधान नजर नहीं आ रहा। कांग्रेस सरकार के समय किसानों को बिजली बिलों में राहत देते हुए उनके बिजली बिल शून्य किए गए थे और कर्जमाफी के निर्णय से किसानों को लाभ मिला था। भाजपा बताए कि उसने किसानों को क्या राहत दी है? किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध करवाने और खेती की लागत कम करने के अपने वादों पर सरकार क्या जवाब देगी? किसानों को केवल चुनाव के समय याद करने के बजाय सरकार को उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

जूली ने कहा कि भाजपा की राजनीति का आधार बड़े-बड़े नारे और चुनावी वादे रहे हैं, लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार की प्राथमिकताएं बदल जाती हैं। गौवंश की देखभाल हो, महंगाई से राहत हो या किसानों को सिंचाई का पानी उपलब्ध करवाना हो, हर मुद्दे पर जनता जवाब मांग रही है। भाजपा सरकार को बताना चाहिए कि चुनाव के समय किए गए वादों को पूरा करने के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं। प्रदेश की जनता भाजपा की कथनी और करनी के अंतर को देख रही है और सरकार से अपने वादों का हिसाब मांग रही है।

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