जयपुर। राजस्थान में लगने वाली रिफाइनरी का नए साल में पीएम नरेंद्र मोदी इसका लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में ये निर्णय किया गया। बैठक में राजस्थान वाहन स्क्रैपिंग नीति-2025, राजस्थान एआई-एमएल पॉलिसी-2026, ग्रीन क्रेडिट वाउचर इनिशिएटिव-2025 और कर्मचारी भत्तों तथा सेवा नियमों में संशोधन जैसे निर्णय भी किए गए।
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने प्रेसवार्ता में बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में रिफाइनरी का कार्य पूर्णता की ओर तेजी से बढ़ा है। परियोजना की लागत में द्वितीय संशोधन को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (एचआरआरएल) द्वारा प्रस्तुत संशोधित प्रस्ताव का मूल्यांकन भारत सरकार के उपक्रम ‘मेकॉन लिमिटेड’ से करवाया गया था। एक समिति ने इस रिपोर्ट की समीक्षा के बाद सिफारिश की थी। अब परियोजना की लागत 6,522 करोड़ रुपए से बढ़कर 79,459 करोड़ रुपए हो गई है।
उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने बताया कि इस नीति का उद्देश्य सड़क पर चलने में अयोग्य एवं प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाना है। नीति के तहत रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटीज (आरवीएसएफ) की स्थापना को बढ़ावा दिया जाएगा, जहां स्क्रैपिंग प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, डिजिटल और ट्रेस योग्य होगी। इस नीति के तहत 15 वर्ष से अधिक पुराने सरकारी वाहन, फिटनेस-पंजीकरण रहित वाहन, दुर्घटनाग्रस्त वाहन, नीलामी के कबाड़ वाहन या स्वेच्छा से स्क्रैप किए जाने वाले वाहन हटेंगे। स्क्रैप सर्टिफिकेट (सीओडी) मिलने पर नया वाहन खरीदने पर मोटर वाहन कर में 50% तक (अधिकतम 1 लाख रुपए) की छूट मिलेगी। स्क्रैप किए गए वाहन का चेसिस नंबर 6 महीने स्क्रैपर के पास और उसके बाद 18 महीने जिला परिवहन अधिकारी के पास सेफ कस्टडी में रखा जाएगा।