राहुल गांधी बोले – मोदी और शाह में संसद आने की हिम्मत नहीं

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि उनमें संसद आने की हिम्मत नहीं है। उनमें हमारा सामना करने की ओर सामने खड़ा होने की भी हिम्मत नहीं है।

संसद में गतिरोध खत्म करने के लिए सरकार की पेशकश के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष पहले की तरह अपने तीनों मांगों पर कायम है और गृह मंत्री अमित शाह को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उन्होंने 20 जुलाई को प्रदर्शनकारी छात्रों पर ‘गोली चलाने’ का आदेश किसने दिया था।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने यह भी कहा कि विपक्ष की मांग यह नहीं थी कि शाह सदन में आकर किसी भी सामान्य विषय पर बोलें, अमित शाह गृह मंत्री हैं। सवाल यह था कि उन्होंने गोली चलाने का आदेश दिया या उन्हें पता नहीं था। दोनों ही मामलों में उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि शुरू से ही तीन मांगें की गई थीं। पहली मांग यह कि छात्रों पर कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री जवाब दें। दूसरी यह कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसके लिए माफी मांगें और तीसरी मांग यह कि राम मंदिर से ‘चंदा चोरी’ पर संसद में चर्चा हो।
उन्होंने कहा कि विपक्ष अपनी इन तीनों मांगों पर कायम है और हमें गृह मंत्री की कोरी-काल्पनिक बातों को सुनने का कोई शौक नहीं है। राहुल गांधी ने कहा कि यह सवाल कभी नहीं था कि अमित शाह सदन में आएं और किसी आम विषय पर बोलें। सवाल यह था कि शाह यह स्पष्ट करें कि हमारे छात्रों पर गोली चलाने का आदेश दिया था।

उन्होंने कहा कि अमित शाह को खुद को पाक-साफ साबित करना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अमित शाह के गुब्बारा फट गया है, उसमें हवा भरने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले 15 दिनों में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री में से किसी में भी सदन में आकर विपक्ष की मांगों का सामना करने का साहस नहीं दिखा है।

इससे पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने लोकसभा में कहा कि सरकार छात्रों के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और गृह मंत्री अमित शाह इस पर विस्तार से जवाब देने को तैयार हैं। उन्होंने विपक्ष से गृह मंत्री का पूरा जवाब सुनने और सदन की कार्यवाही में व्यवधान नहीं डालने की अपील की।

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