गहलोत बोले – मेरी सलाह पर बौखलाए मुख्यमंत्री

जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और वर्तमान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के बीच में इन दिनों चल रहे हैं। अपने-अपने तरकश से दोनों नेता बाण छोड़ रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री की ओर से उठाए गए सवालों के भजनलाल शर्मा की ओर से दिए गए जवानों के बाद अब गहलोत ने फिर पलटवार किया है।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मंत्री राजेंद्र राठौड़ पर पलटवार करते हुए कहा कि उनकी सलाह से मुख्यमंत्री शर्मा बौखला गए हैं, इसलिए अब वे अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। गहलोत ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री और मंत्रियों को अपने बेटे-बेटियों को सरकार से दूर रखने की सलाह दी थी, राजनीति से नहीं।

गहलोत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘मुख्यमंत्री शर्मा अपराधबोध से ग्रसित हैं, इसलिए जोधपुर और जयपुर सहित अन्य जगहों पर मेरे लिए अनर्गल बातें कर रहे हैं। ‘मैंने केवल ये कहा था कि सीएम शर्मा अपने बेटों को सरकार से दूर रखें। यह मुख्यमंत्री और मंत्रियों के लिए भी अच्छा रहेगा, लेकिन अब वे मेरे बेटे के लिए काफी कुछ कह रहे हैं, जबकि मैं मुख्यमंत्री था, तब मैंने अपने बेटे को सरकारी आवास में नहीं रखा था और उसे किराए का घर दिलवाया था’

गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल कह रहे हैं कि अशोक गहलोत तड़प रहे हैं कि दिल्ली से उन्हें बुलावा नहीं आ रहा है। गहलोत ने कहा कि यह हमारा पार्टी का अंदरूनी मामला है, मुख्यमंत्री को इसमें दखल नहीं देना चाहिए।
गहलोत ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों को अपने बेटे-बेटियों और सालों को भी राजनीति में आगे लाना चाहिए। वे राजनीति में आगे आएं, तो उनके अनुभव का भी लाभ मिलेगा। राजनीति में आना कोई हर्ज नहीं है, जबकि उन्होंने बात केवल सरकार के संदर्भ में कही थी, लेकिन मुख्यमंत्री को उनकी बात ज्यादा ही चुभ गई।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वे इंतजार शास्त्र के जरिए सरकार से सवाल पूछ रहे थे, लेकिन मुख्यमंत्री और एक पूर्व मंत्री अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं. कम से कम मुख्यमंत्री को पढ़ लेना चाहिए कि वे क्या पूछ रहे हैं. सरकार किस दिशा में जा रही है, कुछ नहीं पता है. ‘मैंने इतना पूछा कि जो बिल्डिंग बनकर तैयार है, वह जनहित में कब शुरू करोगे. उसका जवाब देना चाहिए, लेकिन मुख्यमंत्री अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं’. मुख्यमंत्री को चाहिए कि वे अपने सलाहकारों को बाहर करें, क्योंकि उनके सलाहकार उन्हें बर्बाद कर देंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि आज पूरे देश में माहौल बनाया जा रहा है कि हिंदू खतरे में है, जबकि ढाई सौ साल अंग्रेजों और पांच सौ साल मुगलों ने राज किया। तब हिंदू खतरे में नहीं आया था, लेकिन जब देश में हिंदुओं की सरकार बन गई है, तब हिंदू खतरे में आ गया है। इस तरह का भ्रम फैलाकर जनता को गुमराह कर रहे है। नई पीढ़ी को सोचना पड़ेगा कि इस देश में क्या हो रहा है और देश किस दिशा में जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भाजपा के पास बहुत पैसा आ गया है, हमारे पास कुछ भी नहीं है, लेकिन लड़ाई विचारधारा से जीती जाएगी। देश में अमीरी-गरीबी की खाई बढ़ती जा रही है। लोगों को दो वक्त का खाना भी नहीं मिल रहा है और देश में क्या-क्या तमाशा हो रहा है, इन सब पर युवाओं को ध्यान देने की जरूरत है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री कह रही हैं कि उन्हें जान का खतरा है, तो सोच लीजिए देश कहां जा रहा है. मुख्यमंत्री को जेल में डाला जा रहा है। ईडी, सीबीआई, इनकम टैक्स का दुरुपयोग हो रहा है। न्यायपालिका दबाव में काम कर रही है. हिंदू राष्ट्र घोषित होना बाकी रह गया है। गहलोत ने कहा कि जब 2014 में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने थे, तब भाजपा को केवल 21 प्रतिशत वोट मिले थे, दूसरी बार 36 प्रतिशत वोट मिले। उस लिहाज से देखा जाए तो 70 प्रतिशत वोट उनके खिलाफ गया था। नरेंद्र मोदी कभी कांग्रेस मुक्त भारत की बात करते हैं, कभी विपक्ष मुक्त भारत की बात करते हैं। भाजपा को विपक्ष को सम्मान देना चाहिए, क्योंकि विपक्ष जनता के हित की बात उठाता है।

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