मूल मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए लाया जा रहा है यूसीसी

 

जयपुर। प्रदेश में समान नागरिक संहिता कानून को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा और राजस्थान सरकार पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि कमेटी में केवल RSS पृष्ठभूमि के लोगों को ही शामिल किया गया है।

डोटासरा ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि देश और प्रदेश में लोगों की समस्याएं हैं विधानसभा और लोकसभा का सत्र भी आने वाला है। ऐसे में लोग पानी-बिजली, सड़क, चिकित्सा, रोजगार और फसल खराबे पर सवाल नहीं कर सकें, इसके लिए UCC का शगूफा छोड़ा गया है। हम लोग कई सालों से सुन रहे हैं कि सरकार समान नागरिक संहिता कानून लेकर आ रही है, लेकिन भारत सरकार ने जो कमेटी इसके लिए बनाई है, उसमें आरएसएस पृष्ठभूमि के लोगों को ही शामिल किया गया है।

डोटासरा ने कहा कि यूसीसी ड्राफ्ट का जब कोई मसौदा ही तैयार नहीं किया गया तो फिर किस बात की जनसुनवाई हो रही है। इनका मकसद केवल प्रदेश में धार्मिक उन्माद फैलाकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेकना है। पीसीसी अध्यक्ष ने कमेटी पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने केवल एक ही कमेटी बना रखी है, जिसमें संघ पृष्ठभूमि के लोग हैं। यही कमेटी उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और अब राजस्थान में काम कर रही है तो क्यों नहीं केंद्र सरकार पूरे देश के लिए ही समान नागरिक संहिता कानून लेकर के आ जाए।

राजस्थान पीसीसी अध्यक्ष डोटासरा ने कहा कि अब समझ में आ रहा है कि सरकार दो तिहाई बहुमत क्यों चाह रही थी, क्योंकि ये संविधान में संशोधन करना चाहते हैं। वोट का अधिकार और आरक्षण छीनना चाहते हैं, बोलने का अधिकार छीनना चाहते हैं, ताकि कोई अपनी आवाज नहीं उठा सके। उन्होंने कहा कि धर्मनिरपेक्षता शब्द हमारे संविधान की मूल आत्मा है यह लोग अब संविधान से धर्मनिरपेक्ष शब्द को भी हटाना चाहते हैं।
डोटासरा ने कहा कि भाजपा और भजनलाल सरकार पानी बिजली के मुद्दे पर क्यों नहीं जनसुनवाई कर रही है ? लोगों को भीषण गर्मी में पीने का पानी नहीं मिल रहा है। बिजली नहीं मिल रही है। प्रदेश पर लगातार अपराध का ग्राफ बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री के गृह जिले भरतपुर में व्यापारी की हत्या हो जाती है। मुख्यमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र सांगानेर में आए दिन अपराधी घटनाएं हो रही हैं। इस पर जनसुनवाई क्यों नहीं हो रही है? सीएम को हर 7 दिन में एक बार दिल्ली जाकर कभी मंत्रियों की तो कभी अधिकारियों की शिकायत करनी पड़ रही है।

जितना एक मुख्यमंत्री 5 साल में हेलीकॉप्टर या चार्टर प्लेन का इस्तेमाल करता है, उतना तो हमारे मुख्यमंत्री 2 साल में ही कर चुके हैं। पीसीसी अध्यक्ष ने जनसुनवाई पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि अगर कलेक्टर और संभागीय आयुक्त मुद्दों पर जनसुनवाई करेंगे तो हम और हमारे प्रतिनिधिमंडल भी वहां जाकर जनसुनवाई में शामिल होंगे, लेकिन जब अभी तक बिल का ड्राफ्ट ही तैयार नहीं हुआ है तो फिर किस बात की जनसुनवाई हो रही है ?

यह लोग केवल हिंदू-मुसलमान करके अपना हित साधना चाहते हैं, जबकि अभी तक किसानों की आय दोगुनी नहीं की गई है। रोजगार की कोई बात नहीं हो रही, विदेश नीति कोई बात नहीं हो रही है। इस पर भी बात होनी चाहिए। पीसीसी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार बहुमत का आंकड़ा हटाने के लिए राजनीतिक दलों का तोड़फोड़ कर रही है। विधायकों-सांसदों को खरीदा जा रहा है. यह लोग केवल अपना स्वार्थ सिद्ध करना चाहते हैं और इसीलिए इस तरह का माहौल बनाया जा रहा है ताकि दोबारा वोट हासिल कर सके।

डोटासरा ने कहा कि राजस्थान में भाजपा भाई को भाई से लड़ाने का काम कर रही है। अस्पताल में प्रसुताओं की मौत हो रही है उस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा, लेकिन बॉर्डर के इलाकों में चुन-चुनकर धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है। बिना सुनवाई किए धार्मिक स्थल ध्वस्त किया जा रहे हैं। हम लगातार इस मामले को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और 2028 में राजस्थान में भाजपा का सूपड़ा साफ कर देंगे। इनका कोई नाम लेने वाला भी नहीं मिलेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *