जयपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद डोटासरा ने सोमवार को कहा कि कांग्रेस पार्टी निकाय पंचायत चुनाव के लिए पूरी तरीके से तैयार है। बूथ स्तर से लेकर ग्राम पंचायत, वार्ड, ब्लॉक, जिला और प्रदेश स्तर पर संगठन को मजबूत किया किया जा चुका है और कार्यकर्ताओं को धरातल पर उतरने के निर्देश दिए जा चुके हैं। डोटासरा ने भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ के बयान पर कहा कि युवा भाड़े के टट्टू नहीं बल्कि देश का भविष्य है। जहां युवाओं की तरुणाई चलती है वहां देश चलता है। ऐसे में कांग्रेस ने तय किया है कि निकाय और पंचायत चुनाव में 50 प्रतिशत टिकट युवाओं को देंगे।
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में डोटासरा ने हाईकोर्ट के दखल के बाद प्रदेश में हो रहे निकाय/ पंचायत चुनाव को लेकर एक बार फिर भजनलाल सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि सरकार लंबे समय से संवैधानिक दायित्व निभाने से बचती रही और आखिरकार हाईकोर्ट के दखल के बाद चुनाव कराने को मजबूर हुई है। बार-बार चुनाव टालना सरकार की नैतिक हार है। अगर कांग्रेस कोर्ट का दरवाजा नहीं खटखटाती तो सरकार चुनाव कराने की बजाय उन्हें लगातार टालती रहती।
डोटासरा ने कहा कि समय पर पंचायत और निकाय चुनाव नहीं कराए जाने का नुकसान प्रदेश को उठाना पड़ा है। पंचायती राज संस्थाओं को मिलने वाले 1900 करोड़ रुपए के केंद्रीय अनुदान से राजस्थान को वंचित होना पड़ा, जिससे गांव और शहरों का विकास कार्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने निकाय पंचायत चुनाव के जनप्रतिनिधियों के अधिकार छीन लिए और उनकी जगह प्रशासक नियुक्त किए, जिन्होंने जमकर भ्रष्टाचार किया। लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर हुई है। कई जगह तो राजनीतिक दुर्भावना के चलते भी जनप्रतिनिधियों को हटाया गया है। मुख्यमंत्री के गृह जिले भरतपुर के जिला प्रमुख का पद 2 साल से रिक्त है। वहां पर अभी तक भी चुनाव नहीं कराया गया है।
डोटासरा ने कहा कि भजनलाल सरकार के ढाई साल के शासन में विकास की बजाय भ्रष्टाचार और राजनीतिक दखल ज्यादा बढ़ा है। प्रदेश में पैसों के बल पर तबादले हो रहे हैं। पूरी व्यवस्था राजनीतिक दबाव में काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अभी भी बैक डेट में तबादले हो रहे हैं। डोटासरा ने पेपर लीक मामले को लेकर मोदी सरकार को भी निशाने पर लिया और कहा कि देशभर में पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन केंद्र सरकार गंभीरता नहीं दिखा रही है।
उन्होंने कहा कि 12 साल के शासन में 152 पेपर आउट हुए हैं। हमारी सरकार में भी पेपर लीक हुआ था। तब हमने 30 हजार की जगह 60 हजार शिक्षकों की भर्ती की थी और पेपर लीक करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें सलाखों के पीछे भेजा था। साथ ही कड़ा कानून बनाया था और आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, लेकिन केंद्र सरकार ने पेपर लीक मामलों को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई। अगर केंद्र सरकार हमारे कानून की तरह केंद्र में कानून बना लेती तो आज उनको इतनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद नहीं होता।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र में धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा व्यवस्था का सत्यानाश कर दिया था तो वहीं राजस्थान में मदन दिलावर भी शिक्षा प्रणाली को कमजोर कर रहे हैं। प्रदेश में हजारों स्कूल बंद कर दिए गए हैं। हमने महात्मा गांधी स्कूल शुरू किए थे, जिनमें लाखों बच्चे पढ़ रहे थे उन स्कूलों को अब बंद किया जा रहा है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में कोई काम नहीं किया, इसीलिए आज प्रदेश में उनके भी इस्तीफे की मांग उठने लगी है।