जयपुर। जयपुर के आमेर थाना क्षेत्र में 6 दिन पहले लापता हुए एक युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। शव के पास जहरीली दवा का खाली पैकेट मिला है। वहीं शव की काफी क्षत-विक्षत स्थिति हो गई है।
शव मिलने के बाद पुलिस ने एफएसएल टीम को मौके पर बुलाकर सबूत इकठ्ठा किए हैं। इसके बाद SDRF टीम की मदद से शव को पहाड़ी से उतारकर सवाई मानसिंह अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाया गया है, जहां उसका पोस्टमार्टम कराया जाएगा। 6 दिन पहले यह युवक ब्रह्मपुरी इलाके से लापता हुआ था और परिजनों ने ब्रह्मपुरी थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज करवाई थी।
एसीपी आमेर प्रतीक सिंह के अनुसार आमेर थाना इलाके में हांडीपुरा मोहल्ले के पास पहाड़ी पर शनिवार को एक युवक का शव मिला। सूचना मिलने पर पहुंची आमेर थाना पुलिस ने घटनास्थल का मौका-मुआयना किया और एफएसएल टीम को मौके पर बुलवाकर साक्ष्य जुटाए गए।
मृतक की पहचान आंधी निवासी 35 वर्षीय महेश शर्मा के रूप में हुई है। मृतक बस ड्राइवर था। वह 11 अक्टूबर की सुबह गांव से सवारियां लेकर जयपुर के लिए निकला था। रात को करीब 9:30 बजे के बाद उसका मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया था। परिजनों ने उसे ढूंढने का काफी प्रयास किया। परिजन ढूंढते हुए ब्रह्मपुरी थाना इलाके में पहुंचे, जहां रामगढ़ मोड़ पर मृतक की बस खड़ी हुई मिली। इसके बाद परिजनों ने 12 अक्टूबर को ब्रह्मपुरी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद ब्रह्मपुरी थाना पुलिस ने महेश शर्मा के मोबाइल नंबर के आधार पर उसकी तलाश शुरू की। शुक्रवार देर रात को महेश का मोबाइल फोन ऑन होने पर उसकी लोकेशन आमेर के हांडीपुरा के पास पहाड़ी पर आई,तो पुलिस ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया और मोबाइल लोकेशन के आधार पर तलाश करते हुए पहाड़ी में करीब डेढ़ किलोमीटर अंदर पहुंची। इस दौरान पहाड़ी पर महेश शर्मा का शव क्षत-विक्षत हालत में मिला। मृतक के पास जहरीली दवा का खाली पैकेट भी पड़ा हुआ मिला।
पुलिस ने आशंका जताई है कि मृतक के अंगूठे की साइड को किसी जानवर ने नोचा है, क्योंकि पहाड़ी पर जंगली जानवरों का मूवमेंट रहता है। साथ ही संभावना जताई है कि देर रात किसी जानवर के पंजे या दांत के दबाव के चलते मोबाइल का स्विच दबने से वह ऑन हो गया। इसके बाद मोबाइल को ट्रेस करते हुए पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। अब सवाई मानसिंह अस्पताल की मोर्चरी में रखे शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का स्पष्ट पता चल पाएगा।