जयपुर। ‘वोट चोरी’ के खिलाफ 1 नवंबर को इंडिया गठबंधन की दिल्ली में होने वाली महारैली में जहां 10 लाख लोगों का टारगेट रखा गया है। इस बीच कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर रैली को असफल करने के प्रयास करने के आरोप लगाए हैं।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में कांग्रेस ने आरोप लगाये कि अमित शाह इंडिया गठबंधन की रैली को असफल करने की साजिश रच रहे हैं। कांग्रेस नेताओं के अनुसार अमित शाह हाल ही में दिल्ली पुलिस के हेडक्वार्टर गए थे और पुलिस आयुक्त सहित तमाम आला अधिकारियों से मिले थे,जबकि गृहमंत्री के नाते अमित शाह चाहते तो कमिश्नर को अपने पास बुला सकते थे, लेकिन वो पुलिस कमिश्नर से मिलने गए थे। कांग्रेस का मानना है कि अमित शाह कहीं न कहीं अधिकारियों को निर्देश देकर आए हैं कि कैसे दिल्ली आने वाली भीड़ को रोका जाए और दिल्ली में 10 लाख लोगों की भीड़ नहीं आनी चाहिए।
कांग्रेस का कहना है कि अमित शाह के इशारे पर इससे पहले 12 अक्टूबर को भी युवाओं के जंतर-मंतर पर आंदोलन के दौरान 56 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए थे, सैकड़ों ट्रेनें रद्द कर दी गई थीं, बाजार बंद कर दिए गए थे। वहीं व्यापारियों की नुकसान की बात पर कांग्रेस का कहना है कि जी-20 समिट के चलते भी दिल्ली में तीन दिन बाजार बंद रहे थे, तब व्यापारियों को करोड़ों का नुकसान हुआ था। सरकार से मांग है कि केंद्र सरकार को व्यापारियों को हुए करोड़ों रुपए के नुकसान की भरपाई करनी चाहिए थी।
कांग्रेस का कहना है कि व्यापारी इस रैली के खिलाफ नहीं बल्कि समर्थन में हैं, क्योंकि अगर लाखों लोग दिल्ली में रैली में शामिल होने आएंगे तो उससे कार, टैक्सी, होटल, ढाबे और व्यापारियों का कारोबार ही बढ़ेगा। लोग दिल्ली जाएंगे तो वो दिवाली की शॉपिंग भी करेंगे। उन्होंने कहा कि रैली के लिए महिला कांग्रेस ने भी अपना टारगेट तय किया है। रैली में अकेले महिला कांग्रेस की तरफ से 50 हजार कार्यकर्ता देश भर से इसमें शामिल होंगी। कांग्रेस के अनुसार दिल्ली में 1 नवंबर को 10 लाख लोग जुटेंगे और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करेंगे, जब तक ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा नहीं हो जाता है तब तक आंदोलन जारी रहेगा। राहुल गांधी ने भी केंद्र सरकार से कहा है कि ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा हो जाता है तो वो 1 मिनट में ही रैली को स्थगित कर देंगे। 30 अक्टूबर तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दे देते हैं तो हम रैली नहीं करेंगे। अलका लांबा ने कहा कि देश में घुसपैठिए और बांग्लादेशी बताकर 33 करोड़ लोगों के नाम काट दिए। महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार ने लोकतंत्र की आवाज के रूप में पहचाने जाने वाले जंतर-मंतर को छीन लिया है, उसे हम वापस लेकर रहेंगे।
इसी के साथ पार्टी का कहना है कि कांग्रेस पार्टी की तीन प्रमुख मांगों में पहली मांग यह है कि ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा होना चाहिए और उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए। दूसरी मांग यह है कि लोगों का ईवीएम से विश्वास उठता जा रहा है। मध्य प्रदेश और हरियाणा में लोगों ने कहा था कि उन्होंने कांग्रेस पार्टी को वोट दिया है, लेकिन वोट बीजेपी को चला गया। अब लोग बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं। इसलिए 2029 का लोकसभा चुनाव बैलेट पेपर से होना चाहिए। इसी के साथ कांग्रेस देश में SIR के खिलाफ है। पार्टी इसे नहीं होने देगी और इसका विरोध करती रहेगी, क्योंकि ये वोट चोरी का सबसे बड़ा माध्यम बन चुका है।