जयपुर। राजस्थान हाई कोर्ट को लगातार बम से उड़ाने की धमकियां मिल रही है, लेकिन जांच एजेंसियां अभी तक अपराधियों का पता लगाने में नाकाम रही है। राजस्थान हाईकोर्ट परिसर में बम ब्लास्ट करने की शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन धमकी मिली। धमकी का तरीका हमेशा की तरह ईमेल के जरिए रहा । पिछले साढ़े महीने में ही ऐसी धमकियां 10 बार मिल चुकी हैं। मेल मिलने के बाद हाईकोर्ट प्रशासन ने पुलिस के उच्च अधिकारियों को सूचना दी। धमकी के चलते मुकदमों की सुनवाई सुबह 10.30 बजे के बजाय आधा घंटा देरी से सुबह 11 बजे से शुरू की जा सकी। इस पर दौरान जांच एजेंसियों ने हाईकोर्ट की मुख्य बिल्डिंग की गहनता से जांच की। जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिलने पर प्रशासन से राहत की सांस ली। धमकी में सीजेआई का दौरा रद्द करने को कहा गया।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शुक्रवार को साइबर सुरक्षा पर तीन दिवसीय कार्यशाला शुरू होगी। इसका उद्घाटन सीजेआई सूर्यकांत करेंगे। ऐसे में लगातार धमकी भरे मेल ने प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी। इधर, आए दिन धमकी भरे मेल मिलने के बाद भी अब तक इसे भेजने वालों की जानकारी नहीं मिल पाई है। इसके चलते वकीलों में खासी नाराजगी है।
वकीलों का कहना है कि कभी यह धमकी वास्तविक घटना में बदल गई तो जान-माल का नुकसान हो सकता है। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष प्रहलाद शर्मा का कहना है कि जांच एजेंसी को अभी ईमेल का सोर्स पता नहीं लग पाया है. ऐसा कब तक चलता रहेगा। बीते चार माह में अब तक 10 बार यहां बम ब्लास्ट की धमकी दी जा चुकी हैं।
हाईकोर्ट प्रशासन को गत वर्ष 31 अक्टूबर को बम विस्फोट की पहली धमकी मिली थी। इसके बाद 5 दिसंबर को दूसरी धमकी दी गई। 8 दिसंबर से लगातार चार दिन बम ब्लास्ट को लेकर हाईकोर्ट प्रशासन को ईमेल भेजे गए। इसके बाद गत छह फरवरी, 17 फरवरी और 19 फरवरी को ब्लास्ट की धमकी दी गई।