जयपुर। राजस्थान के निकाय चुनाव परिणामों में 10 नगर निगमों में से जयपुर, कोटा, उदयपुर और भीलवाड़ा नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी बोर्ड बनाने की स्थिति में है, जबकि बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिला है. वहीं, भरतपुर, जोधपुर, अजमेर, अलवर और पाली में बोर्ड गठन में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण रहने वाली है। वहीं पाली और अजमेर नगर निगम में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई है, जबकि भरतपुर में निर्दलीय उम्मीदवारों ने मजबूत प्रदर्शन किया है। जोधपुर में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीटों का आंकड़ा बराबर रहने से बोर्ड गठन के लिए निर्दलीय पार्षद निर्णायक भूमिका में आ गए हैं।
राजस्थान के 309 निकायों के कुल 10,244 वार्डों में से भाजपा के खाते में 4,171 वार्ड, कांग्रेस को 3,597 वार्ड और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 2,272 वार्डों में जीत दर्ज की है। अन्य दलों में RLP ने 63, आम आदमी पार्टी ने 42, CPI(M) ने 38, BSP ने 19 और BAP ने 8 वार्डों में जीत दर्ज की है।
252 नगर पालिकाओं के परिणामों और रुझानों में भाजपा 149 निकायों में आगे है, जबकि कांग्रेस 95 निकायों में बढ़त बनाए हुए है। 8 नगर पालिकाओं में निर्दलीय उम्मीदवार आगे रहे है। वहीं 47 नगर परिषदों में मतगणना जारी रहने के दौरान भाजपा 21 परिषदों में आगे रही, जबकि कांग्रेस 17 में बढ़त पर है। 9 नगर परिषदों में निर्दलीय उम्मीदवार निर्णायक स्थिति में हैं।
जयपुर नगर निगम की मतगणना को लेकर कलेक्टर संदेश नायक ने बताया कि मतगणना कुल 302 राउंड में हुई। शुरुआती ब्रीफिंग में भाजपा के 75, कांग्रेस के 50 और 12 निर्दलीय प्रत्याशियों को विजयी घोषित किया गया था। इसके बाद तकनीकी कारणों से रोके गए कुछ वार्डों के परिणाम भी जारी किए गए। राज्य निर्वाचन आयोग ने तकनीकी खराबी के कारण रोके गए 7 वार्डों में से तीन के परिणाम घोषित करने की अनुमति दी। वार्ड 47 में भाजपा की दीपा नाथावत, वार्ड 72 में कांग्रेस की सुमन भाटी और वार्ड 148 में निर्दलीय की जीत हुई।
निर्वाचन आयोग की चर्चा के बाद इन तीन वार्डों के परिणाम जारी किए गए। बताया गया कि खराब EVM में दर्ज कुल मतों की तुलना में विजयी प्रत्याशी और दूसरे स्थान पर रहे प्रत्याशी के बीच मतों का अंतर अधिक होने के आधार पर परिणाम घोषित करने की अनुमति दी गई। अब जयपुर के चार वार्डों का अंतिम परिणाम बाकी है. वार्ड 9, 18, 25 और 34 में कुल पांच बूथों पर 16 सितंबर को पुनर्मतदान कराया जाएगा। EVM में तकनीकी दिक्कत के चलते इन बूथों पर रिपोल होगा। इसके बाद ही इन चारों वार्डों की अंतिम तस्वीर साफ होगी। इस तरह जयपुर नगर निगम के 150 में से 146 वार्डों के परिणाम घोषित हो चुके हैं।
झालावाड़ जिले के निकाय चुनाव में कांग्रेस ने बढ़त बनाई है। झालावाड़ नगर परिषद की 45 सीटों में कांग्रेस ने 29, भाजपा ने 13, आम आदमी पार्टी ने एक और निर्दलीयों ने दो सीटें जीतीं। झालरापाटन की 35 सीटों में भाजपा 22 पर जीती, कांग्रेस 8 और AAP 5 सीटों पर रही। डग में कांग्रेस ने 14 और भाजपा ने 6 सीटें जीतीं। पिड़ावा में कांग्रेस 8, भाजपा 6, AAP 5 और निर्दलीय एक सीट जीते. खानपुर में कांग्रेस 18 और भाजपा 7 सीटों पर रही। मनोहरथाना में भाजपा 11, कांग्रेस 6 और निर्दलीय 3 जीते. भवानीमंडी में कांग्रेस 26, भाजपा 13 और निर्दलीय ने एक सीट जीती है।
जयपुर नगर निगम चुनाव में झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र का वार्ड नंबर 28 भी चर्चा में रहा। यह क्षेत्र मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ से जुड़ा है और बताया गया कि मंत्री ने यहां चुनाव प्रचार में सक्रिय भूमिका निभाई थी। इसके बावजूद वार्ड 28 से कांग्रेस प्रत्याशी रविंद्र सिंह शेखावत ने जीत दर्ज की। वहीं, वार्ड 29 में जीत का चैलेंज दिए जाने के बाद यहां निर्दलीय प्रत्याशी विक्रम सिंह विजेता रहे। जयपुर के परिणामों को लेकर कांग्रेस ने इसे अपने लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि बिना विधायक, सांसद और केंद्रीय पदाधिकारियों के प्रचार के पार्टी जयपुर में 50 वार्ड जीतने में सफल रही।
दूसरी ओर भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी और वरिष्ठ मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ समेत कई बड़े नेताओं ने प्रचार में ताकत झोंकी थी। भाजपा के पक्ष में बड़ी संख्या में विधायक और पार्टी नेता मैदान में सक्रिय रहे। कांग्रेस ने इसी तुलना को आधार बनाते हुए जयपुर के परिणाम को भाजपा के लिए झटका बताया है। इसी तरह जोधपुर में भी केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के वार्ड में कांग्रेस ने जीत हासिल की। जयपुर नगर निगम के अंतर्गत आने वाली 10 विधानसभा सीटों में से 7 पर भाजपा के विधायक हैं।
डीडवाना-कुचामन जिले के परबतसर में भी निकाय चुनाव के दौरान एक बेहद रोचक परिणाम सामने आया। वार्ड नंबर 13 से भाजपा प्रत्याशी कैलाश चंद्र को सिर्फ एक वोट मिला। वहीं वार्ड नंबर 20 से RLP प्रत्याशी भंवरलाल को भी महज एक वोट हासिल हुआ। बताया गया कि वार्ड नंबर 13 में भाजपा को प्रत्याशी नहीं मिल रहा था। ऐसे में पार्टी संगठन की ओर से कैलाश चंद्र को नामांकन दाखिल करने के लिए कहा गया था। चुनाव परिणाम सामने आने के बाद उनका एक वोट हासिल करना चर्चा का विषय बन गया।
बारां नगर परिषद में आम आदमी पार्टी ने बड़ा उलटफेर करते हुए 60 में से 31 वार्ड जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। कांग्रेस को 18, भाजपा को 9 और निर्दलीय प्रत्याशियों को 2 वार्डों में जीत मिली। बारां का परिणाम प्रदेश की निकाय राजनीति में AAP के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यहां पार्टी ने भाजपा और कांग्रेस दोनों को पीछे छोड़ते हुए अकेले बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया।
जोधपुर उत्तर की मेयर कुंती देवड़ा चुनाव हार गईं। बीकानेर की मेयर सुशीला कंवर भी चुनाव जीतने में सफल नहीं रहीं। जयपुर की पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल ने इस बार भाजपा के टिकट पर पार्षद का चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें भी हार का सामना करना पड़ा। वहीं जोधपुर दक्षिण की मेयर वनिता सेठ को इस बार टिकट नहीं मिला।
भरतपुर में निर्दलीय उम्मीदवारों ने बड़ी संख्या में जीत हासिल की है। जोधपुर में भाजपा और कांग्रेस के बीच बराबर सीटें आने के कारण निर्दलीय पार्षद बोर्ड गठन में किंगमेकर की भूमिका में रहेंगे। अजमेर और पाली में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनी है, लेकिन बोर्ड गठन के लिए समीकरणों को अंतिम रूप देने में निर्दलीयों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। अलवर में भी निर्दलीय पार्षदों की भूमिका पर राजनीतिक दलों की नजर रहेगी। चार वार्डों में पुनर्मतदान के बाद जयपुर की अंतिम तस्वीर साफ होगी और इसके साथ ही प्रदेश के सभी प्रमुख निकायों में बोर्ड गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।