जनता की प्यास पर जलदाय विभाग की बेरुखी! महीनों बाद भी जलापूर्ति समस्या जस की तस।- सामाजिक कार्यकर्ता रवि शंकर धाभाई
उप मुख्यमंत्री के क्षेत्र विद्यधर नगर सेक्टर 4 में पानी के कम प्रेशर पर फूटा जनता का गुस्सा, सहायक अभियंता कार्यलय पहुँचे सेक्टरवासी
जयपुर। विद्याधर नगर के सेक्टर-4 के निवासी लंबे समय से पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि जहां पहले प्रतिदिन सुबह और शाम दोनों समय नियमित जलापूर्ति होती थी, वहीं पिछले दो वर्षों से बिना किसी सार्वजनिक सूचना या कारण बताए शाम की पानी की सप्लाई बंद कर दी गई है। इसके साथ ही सुबह होने वाली जलापूर्ति भी बेहद कम प्रेशर से की जा रही है, जिससे अधिकांश घरों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
समाज सेवी रवि शंकर धाभाई ने आगे बताया कि सहायक अभियंता विद्याधर नगर को इस विकट समस्या के बारे में एक शिकायत पत्र दिया गया था। इस अवसर पर क्षेत्र के वरिष्ट नागरिक के साथ पूर्व पार्षद व वर्तमान पार्षद के पति भी उपस्थित थे।
सामाजिक कार्यकर्ता रवि शंकर धाभाई ने इस संबंध में राजस्थान सरकार से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि आखिर किस अधिकारी के आदेश से सेक्टर-4 में शाम की जलापूर्ति बंद की गई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और जलदाय विभाग द्वारा भविष्य में जयपुर में 24 घंटे पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करने की घोषणा की जा रही है, जबकि दूसरी ओर पहले से उपलब्ध शाम की जलापूर्ति भी बंद होना चिंताजनक है।
धाभाई ने कहा कि जलदाय विभाग के मंत्री, प्रमुख सचिव एवं सचिव द्वारा सभी अभियंताओं को जलापूर्ति के समय फील्ड में उपस्थित रहकर पानी की सप्लाई की निगरानी करने तथा आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने मांग की कि इन निर्देशों का सेक्टर-4 में भी प्रभावी पालन कराया जाए और जलापूर्ति व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए।
उन्होंने मुख्यमंत्री, जलदाय विभाग के मंत्री तथा विभागीय अधिकारियों से ट्विटर के माध्यम से भेजे संदेश में आग्रह किया है कि सेक्टर-4 की जलापूर्ति व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, शाम की जलापूर्ति पुनः प्रारंभ की जाए। पानी का प्रेशर बढ़ाया जाए तथा संबंधित अधिकारियों को लिखित निर्देश जारी कर उनकी पालना सुनिश्चित की जाए। साथ ही जारी आदेशों की प्रति उन्हें भी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
धाभाई का कहना है कि पेयजल प्रत्येक नागरिक का मूल अधिकार है और विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है कि प्रत्येक घर तक पर्याप्त मात्रा एवं उचित दबाव के साथ स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि सरकार उनकी इस लंबे समय से चली आ रही समस्या का शीघ्र समाधान करेगी।