जयपुर में कांग्रेस का ‘जल सत्याग्रह मार्च’ : सरकार को 7 दिन का अल्टीमेटम
रामगढ़, फुक्स और मावठा बांध के अतिक्रमण हटाने की मांग उठी
गांधी सर्कल से अल्बर्ट हॉल तक सिर पर मटकी रखकर प्रदर्शन
जयपुर । राजधानी में भीषण जल संकट और टैंकर माफिया की लूट के खिलाफ आज राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अभाव अभियोग प्रकोष्ठ के तत्वावधान में ‘जल सत्याग्रह मार्च’ निकाला गया।
पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के निर्देश अनुसार अभाव अभियोग प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष योगिता शर्मा के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने गांधी सर्कल से अल्बर्ट हॉल तक सिर पर खाली मटकी रखकर पैदल मार्च किया।
प्रदेश अध्यक्ष योगिता पंकज शर्मा ने कहा:
आज सवाई मानसिंह का जयपुर बूंद-बूंद को तरस रहा है। नल सूखे हैं, सरकार मौन है और टैंकर माफिया 500 रुपये का पानी 1500 रुपये में बेच रहा है।
सरकार सिर्फ घोषणाएं करती है, लेकिन स्थायी समाधान पर मौन है। जयपुर की जीवनरेखा रहे रामगढ़ बांध, कूकस बांध और मावठा बांध आज अतिक्रमण और अवैध खनन की भेंट चढ़ गए हैं। विशेषज्ञों का स्पष्ट मत है कि यदि इन बांधों के कैचमेंट एरिया से अतिक्रमण हटाकर पुनर्जीवन किया जाए, तो रामगढ़ बांध में पर्याप्त जल भराव संभव है और पूरे जयपुर शहर की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है।
1930 में महात्मा गांधी डांडी गए थे नमक के लिए, आज हमें जयपुर की सड़कों पर पानी के लिए उतरना पड़ा है। हम सरकार को 7 दिन का अल्टीमेटम देते हैं – मटका खाली है, सब्र का घड़ा भर गया है। पानी दो, वरना गद्दी छोड़ो।”_जयपुर शहर में तत्काल पेयजल आपूर्ति सामान्य की जाए।
रामगढ़ बांध, कूकस बांध एवं मावठा बांध के कैचमेंट एरिया से अतिक्रमण हटाकर इनका पुनर्जीवन किया जाए।
टैंकर माफिया पर सख्त कार्रवाई कर लूट बंद कराई जाए। जलदाय विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जाए।
इस अवसर पर कांग्रेस अभाव अभियोग प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्ण सूद महासचिव गौरी शंकर, प्रदेश सचिव मोनू शर्मा , श्रेयांश जोशी, नितिन बगरीया,दीपक धीर, कैलाश मीणा,व पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी, ब्लॉक अध्यक्षों सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे*