जयपुर। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ की 12 जनवरी को राजधानी जयपुर में आयोजित विशाल चेतावनी महारैली से सरकार का ध्यान कर्मचारियों की मुख्य मांगों एवं मुख्य पर आकर्षित हुआ है।
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष महावीर शर्मा ने बताया कि महासंघ के सात संकल्पों में प्रथम संकल्प अधीनस्थ सेवाओं के कर्मचारियों की पदोन्नति विसंगति दूर करवाना एवं द्वितीय संकल्प वेतन विसंगति दूर करवाना है जिसको लेकर महासंघ लगातार संघर्षरत है ।जिसके कारण मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के द्वारा गणतंत्र दिवस के अपने संबोधन में कर्मचारियों के कैडर संबंधी विसंगतियों को दूर करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति बनाने की घोषणा की गई है जिसका महासंघ स्वागत करता है।
इसके साथ ही महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष महावीर शर्मा ने बताया कि समिति गठन के साथ ही समिति की रिपोर्ट की समय सीमा भी निर्धारित की जाए जिससे कि कर्मचारियों के समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण हो सके ।
प्रायः यह देखा जाता रहा है कि समितियों की रिपोर्ट आने में बहुत लंबा समय लग जाता है जिससे कर्मचारियों में निरंतर आक्रोश बढ़ता रहता है जो आगे जाकर आंदोलन में परिवर्तित हो जाता है ।
इसके साथ ही महावीर शर्मा ने सरकार से प्रदेश के लाखों संविदा एवं मानदेय कार्मिकों के नियमितीकरण एवं प्रदेश के कर्मचारियों के लिए पारदर्शी स्थानांतरण नीति जारी करने की पुनः पुरजोर मांग रखी है ।
महासंघ के प्रदेश महामंत्री महावीर सिहाग एवं प्रदेश प्रवक्ता गोविंद नाटाणी ने बताया कि अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ अपने सात संकल्पो एवं मांग पत्र को लेकर विगत कुछ वर्षों से निरंतर संघर्षरत है।
विगत तीन माह में महासंघ ने प्रदेश के 41 जिलों एवं 300 से ज्यादा उपखंड मुख्यालय पर संघर्ष चेतना यात्रा निकालकर 12 जनवरी को राजधानी जयपुर में महासंघ के द्वारा 50 हजार से भी ज्यादा कर्मचारियों की चेतावनी महारैली आयोजित की गई।
सरकार के द्वारा संवाद नहीं करना ही कर्मचारियों में आक्रोश का मुख्य कारण बना हुआ था अब यदि सरकार द्विपक्षीय वार्ता करती है तो महासंघ कर्मचारियों के साथ ही प्रदेश की जनता के हित में सकारात्मक रवैया अपनाएगा।