जयपुर / डीडवाना। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पिछली कांग्रेस सरकार के समय हुए मानेसर कांड के जिन्न को बाहर निकालते हुए भाजपा नेताओं के साथ ही अपनी पार्टी के नेताओं का नाम लिए बिना हमला बोला। गहलोत ने आरोप लगाया कि पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह हमारे लोगों को भड़काकर मानेसर ले गए थे। लेकिन कुछ विधायकों ने होशियारी से राजनीति की और हमारी सरकार को बचा लिया।
डीडवाना में अंबेडकर जयंती कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार संकट में थी। वो अमित शाह और नरेंद्र मोदी का षड्यंत्र था। वो हमारी पार्टी के लोगों को भड़काकर मानेसर ले गए और 34 दिन हमारी सरकार को होटलों में रहना पड़ा। गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और मदन राठौड़ हमें होटलों की सरकार कहते हैं। मैं कहना चाहता हूं कि भाजपा नेताओं के कुकर्मों की वजह से ही हमारी सरकार होटलों में रहना पड़ा।
पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया हमारी सरकार गिराने के लिए भाजपा ने हजारों करोड़ों रुपए खर्च किए थे. महाराष्ट्र की सरकार गिराने के लिए हजारों करोड़ रुपए खर्च किए गए और सरकार गिरा दी। तब मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और कई अन्य राज्यों की सरकारी गिराई गई, लेकिन राजस्थान एकमात्र ऐसा प्रदेश था जहां पर सरकार नहीं गिरी, क्योंकि जनता का आशीर्वाद और हमारे विधायक मेरे साथ थे। डीडवाना के पूर्व विधायक चेतन डूडी का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि जब हमारी सरकार संकट में थी, उस समय चेतन डूडी और 2-4 विधायकों ने होशियारी से राजनीति की और हमारी सरकार गिरने से बचा ली।
वहीं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से एक बार फिर मानेसर कांड का जिक्र छेड़ने को लेकर सियासी गलियारों में भी चर्चाएं खूब हैं। पूर्व मुख्यमंत्री का बयान ऐसे समय में आया जब पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट जयपुर में ही मौजूद थे। वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी भले ही कितने ही दावे करें कि सब एकजुट हैं, लेकिन अब पूर्व मुख्यमंत्री के ताजा बयान से स्पष्ट है कि कांग्रेस में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं है।