न्यूयॉर्क/ तेहरान। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि सोमवार को ईरान के साथ डील करने का “अच्छा चांस” है, इससे पहले कि वह तेहरान को होर्मुज स्ट्रेट फिर से खोलने या उनके इंफ्रास्ट्रक्चर पर बमबारी जैसे भारी, गंभीर नतीजों का सामना करने का अल्टीमेटम दें। इसी के साथ डोनाल्ड ट्रंप ने कह दिया कि मंगलवार का दिन ईरान के लिए बहुत खराब रहने वाला है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने फॉक्स न्यूज़ के एक जर्नलिस्ट से कहा, “मुझे लगता है कि कल अच्छा चांस है, वे अभी बातचीत कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “अगर वे जल्दी डील नहीं करते हैं, तो मैं सब कुछ उड़ाने और तेल पर कब्जा करने के बारे में सोच रहा हूं।”
इधर अमेरिका इजराइल-ईरान युद्ध का रविवार को 37वां दिन है। युद्ध शुरू हुए एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी लगातार जारी है। दोनों पक्षों की ओर से जारी बयानबाजी और हालात को देखते हुए फिलहाल युद्ध थमने के आसार भी नजर नहीं आ रहे हैं। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान के साथ वार्ता जारी है। इस बीच अमेरिका इजराइल की ओर से ईरान और लेबनान में हिज्बुल्ला के खिलाफ हमले जारी रखे हुए है। वहीं ईरान जवाबी कार्रवाई कर रहा है।
ईरान खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों के साथ आर्थिक और तेल-गैस के ठिकानों पर हमले जारी रखे हुए है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय का कहना है कि ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की भतीजी और पोती, जिन्होंने ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की कुद्स फोर्स को लीड किया था अब आईसीई की हिरासत में है। विदेश मंत्रालय द्वारा उनके ग्रीन कार्ड खत्म करने के बाद हमीदेह सुलेमानी अफशर और उनकी बेटी को गिरफ्तार कर लिया गया। दूसरी तरफ एक लापता अमेरिकी सर्विस मेंबर की तलाश जारी है, जबकि दूसरे को दो अमेरिकी लड़ाकू विमान के अलग-अलग घटनाओं में गिर जाने के बाद बचा लिया गया। ये घटनाएं ट्रंप के राष्ट्र के नाम संदेश में यह कहने के ठीक दो दिन बाद हुई कि अमेरिका ने ईरान को हरा दिया है और पूरी तरह से खत्म कर दिया है।उधर यूनाइटेड अरब अमीरात में अधिकारियों ने एक गैस फील्ड को बंद कर दिया, जब एक मिसाइल इंटरसेप्शन से उस पर मलबा गिरने और आग लगने की खबर आई। सरकारी नेशनल न्यूज एजेंसी के अनुसार लेबनान में जहां इजराइल ने ईरान समर्थक हिजबुल्लाह लड़ाकों के साथ अपनी लड़ाई में जमीनी हमला किया है, बेरूत के पास जुमे की नमाज पढ़कर निकल रहे नमाजियों पर इजराइली ड्रोन हमले में दो लोग मारे गए। युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान में 1900 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। खाड़ी देशों और कब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में दो दर्जन से ज्यादा लोग मारे गए हैं और इजराइल में 19 लोगों के मारे जाने की खबर है और 13 अमेरिकी सर्विस मेंबर मारे गए हैं. लेबनान में 1300 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और 10 लाख से अधिक लोग बेघर हो गए हैं. वहीं 10 इजराइली सैनिक भी मारे गए हैं।