जूली का पलटवार – शेखावत पहले अपनी विफलताओं का जवाब दें

 

जिनके खुद के घर शीशे के हों, वो दूसरों पर पत्थर नहीं फेंका करते; शेखावत पहले अपनी 12 वर्षों की विफलताओं का जवाब दें: टीकाराम जूली, नेता प्रतिपक्ष राजस्थान विधानसभा
-प्रदेश में हर 10 में से 4 परिवार आज भी नल कनेक्शन से वंचित, विफलताओं को छिपाने के लिए दोषारोपण की ओछी राजनीति कर रहे शेखावत

जयपुर । राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर पेयजल संकट को लेकर तीखा हमला बोला है। जल जीवन मिशन के कार्यों में चल रही ढुलमुल नीति और धीमी गति पर कड़ा निशाना साधते हुए उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

जूली ने पिछली कांग्रेस सरकार को लेकर गजेंद्र सिंह शेखावत की टीका टिपण्णी पर उन्हें आड़े हाथों लेते हुए कहा, तू इधर-उधर की बात न कर, ये बता कि कारवाँ क्यों लुटा,!

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि गजेंद्र सिंह शेखावत पिछले 12 सालों से लगातार जोधपुर के सांसद हैं और केंद्र सरकार में देश के इतने महत्वपूर्ण जलशक्ति मंत्रालय के मंत्री रह चुके हैं। इसके बावजूद उनमें इतना सामर्थ्य और इच्छाशक्ति नहीं थी कि पूरे राजस्थान की बात तो दूर, अपने खुद के संसदीय क्षेत्र जोधपुर के लिए ही पेयजल की कोई स्थाई व्यवस्था करवा पाते। जहाँ से वे खुद चुनकर आते हैं, वहाँ की जनता आज भी बूंद-बूंद पानी को तरस रही है। शेखावत जी अपनी इसी विफलता और नाकामी को छिपाने के लिए लगातार विपक्ष पर अनर्गल आरोप लगा रहे हैं और जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।

प्रदेश की कानून-व्यवस्था और कुप्रबंधन पर बरसते हुए श्री जूली ने कहा कि स्थिति आज इतनी भयावह हो चुकी है कि जोधपुर जहाँ से शेखावत सांसद हैं वहां पानी और बिजली की किल्लत को लेकर जनता द्वारा किए जाने वाले लोकतांत्रिक प्रदर्शनों पर भी रोक लगानी पड़ रही है। यह तथाकथित डबल इंजन सरकार के दावों की असल हकीकत है कि वे जनता को मूलभूत सुविधाएं देने के बजाय उनकी आवाज दबाने में लगे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि जोधपुर की जनता अपने सांसद और केंद्रीय मंत्री के तौर पर गजेंद्र सिंह शेखावत से उम्मीदें रखती है कि वे पेयजल समस्या का समाधान करेंगे। लेकिन वे अपनी जिम्मेदारियों से भागकर केवल दोषारोपण की ओछी राजनीति कर रहे हैं। शेखावत जी को यह समझना चाहिए कि इस राजनीतिक बयानबाजी से जनता को कुछ हासिल नहीं होने वाला, न ही इससे जनता की प्यास बुझने वाली है।

जूली ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें बनाना जानती है, धरातल पर काम करना इसके बस की बात नहीं है। उन्होंने आंकड़ों के साथ सरकार को घेरते हुए बताया कि करोड़ों रुपए पानी की तरह बहाए जाने के बावजूद आज भी प्रदेश के 44 लाख घर नल के जल से कोसों दूर हैं।
स्थिति इतनी भयावह है कि राज्य में हर 10 में से 4 परिवार अभी भी नल कनेक्शन से पूरी तरह वंचित हैं। भाजपा सरकार की इसी लेटलतीफी और ढुलमुल नीति के कारण आज पूरा प्रदेश भीषण जल संकट झेलने को मजबूर हो गया है, जबकि राज्य में इस महत्वपूर्ण योजना की कवरेज महज 58.96% पर है।
जूली ने कहा कि भाजपा ने अपने मेनिफेस्टो में जल जीवन मिशन को 2025 तक पूरा करने का वादा किया था लेकिन आज जो स्थिति है वो सके सामने है और भाजपा अपने वादे को पूरा करने से कोसों दूर है।

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