इंडिया गठबंधन की मॉक पार्लियामेंट, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पारित,देशद्रोह के मुकदमे की मांग

नई दिल्ली। इंडिया गठबंधन के दलों की ओर से आज दिल्ली में मॉक पार्लियामेंट का आयोजन हुआ और इस दौरान हुई बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पारित करने के साथ उन पर देशद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग की गई।
कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर मॉक पार्लियामेंट की तरह चला। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने मॉक पार्लियामेंट की अध्यक्षता की।
मॉक पार्लियामेंट में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सीधे तौर पर बड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि वे भारत संघ पर हमला करने वालों को किसी भी कीमत पर बचने नहीं देंगे। प्रतीकात्मक जन महाभियोग प्रस्ताव का पूरा समर्थन करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “हम आपको भागने नहीं देंगे। मैं उन लोगों को भी संबोधित करना चाहता हूं जिन्होंने भारत संघ पर यह हमला किया है। ज्ञानेश कुमार तो सिर्फ एक जरिया हैं, उनके जैसे कई और भी हैं। हम अच्छी तरह जानते हैं कि वे कौन हैं।”
उन्होंने आगे सचेत करते हुए कहा, “यह आपके लिए एक चेतावनी है; चीजें अब बदल रही हैं। कृपया इस चेतावनी को सुनें और समझें कि यह बगीचे में रखा एक नया राजनीतिक हथियार है, और यदि आप इसी रास्ते पर चलते रहे तो यह हथियार आपको बहुत बुरी तरह चोट पहुंचाएगा। मैं यह बात बहुत ही प्रेम और सद्भाव के साथ कह रहा हूं। हम कोई बुरे या दुष्ट लोग नहीं हैं, लेकिन हम अपने लोगों की आवाज और संविधान की रक्षा जरूर करेंगे।”
राहुल गांधी ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त पर देशद्रोह का मुकदमा चलाने की वकालत की। उन्होंने कहा, “मैं इस प्रस्ताव का पूरी तरह से समर्थन करता हूं कि मिस्टर ज्ञानेश कुमार पर न केवल महाभियोग चलाया जाना चाहिए, बल्कि अदालत में देशद्रोह का मुकदमा भी चलाया जाना चाहिए ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके।”
इससे पहले ‘जन महाभियोग’ में कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सीईसी के खिलाफ एक प्रस्ताव रखा। आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर निर्वाचन आयोग चला रहे हैं। कार्यक्रम में खरगे ने प्रस्ताव पेश करते हुए ज्ञानेश कुमार पर छह मुख्य आरोप लगाए।
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया ब्लॉक के सिंबॉलिक पब्लिक इंपीचमेंट प्रोग्राम में, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “CEC ज्ञानेश कुमार सीधे प्रधानमंत्री और होम मिनिस्टर के कहने पर कमीशन चला रहे हैं। सात महीने पहले, 193 अपोज़िशन MPs ने CEC को हटाने के लिए पार्लियामेंट के दोनों हाउस में मोशन दिया था,लेकिन, हमारे नोटिस रिजेक्ट कर दिए गए, और उन पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसलिए, आज हम जो मोशन लाए हैं। ”
उन्होंने कहा कि हमें CEC से कोई पर्सनल दुश्मनी नहीं है। हमारा मकसद है कि इलेक्शन कमीशन बिना किसी भेदभाव के, कॉन्स्टिट्यूशन की भावना के हिसाब से काम करे, ताकि आम आदमी का उस पर भरोसा बना रहे। हमें यह पक्का करना होगा कि कमज़ोर तबके, महिलाओं और युवाओं के वोटिंग राइट्स को दिल्ली में बैठा कोई चुपके से कंप्यूटर से डिलीट न कर दे।
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया ब्लॉक के सिंबॉलिक पब्लिक इंपीचमेंट प्रोग्राम में खड़गे ने कहा कि 2014 से, सत्ता हथियाने और उसे बनाए रखने के लिए हर मुमकिन साज़िश रची गई है. उन्होंने MPs चुराए हैं, पॉलिटिकल पार्टियों को तोड़ा है, सरकारें गिराई हैं, और इलेक्टोरल बॉन्ड, ED और CBI का इस्तेमाल किया है, और अब वे वोट चुरा रहे हैं। हमारे पास ऐसे वोट चोरी के सैकड़ों उदाहरण हैं।
खड़गे ने कहा- “ज्ञानेश कुमार 2023 के चीफ इलेक्शन कमिश्नर और अन्य इलेक्शन कमिश्नर (अपॉइंटमेंट, कंडीशंस ऑफ सर्विस एंड टर्म ऑफ ऑफिस) एक्ट की वजह से इस चोरी को आसान बना पा रहे हैं। यह बिल दिसंबर 2023 में 145 विपक्षी MPs को सस्पेंड करने के बाद पास किया गया था। यह शर्मनाक और बेइज्जती वाली बात है। यह कानून इलेक्शन कमिश्नरों को ज़िंदगी भर का सुरक्षा कवच देता है- एक ऐसा लेवल का प्रोटेक्शन जो प्रेसिडेंट या चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को भी नहीं मिलता।”
विपक्ष के ‘जन महाभियोग’ कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद और ममता बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत राय उपाध्यक्ष की भूमिका निभा रहे थे। कार्यक्रम में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी के अलावा सपा सांसद धर्मेंद्र यादव, तृणमूल कांग्रेस के संसदीय दल के नेता डेरेक ओब्रायन समेत विपक्षी गठबंधन के विभिन्न घटक दलों के कई सांसद और नेता कार्यक्रम में शामिल हुए। आइशा की अध्यक्ष नेहा बोरा सहित कई जन संगठनों के लोगों को भी इसमें आमंत्रित किया गया था।
‘इंडिया’ ब्लॉक ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ यह सांकेतिक कार्यक्रम शुक्रवार को आयोजित करने की घोषणा की थी, लेकिन बारिश को देखते हुए इसे शनिवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया था। राहुल गांधी ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा था कि बारिश और खराब मौसम के कारण कार्यक्रम को एक दिन के लिए स्थगित किया गया है क्योंकि कई वरिष्ठ लोगों को ऐसे मौसम में दिक्कत हो सकती है।

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