राजस्थान प्रदेश ओबीसी कांग्रेस सलाहकार परिषद की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न, ओबीसी अधिकारों की लड़ाई को और तेज़ करने का लिया संकल्प
जयपुर। राजस्थान प्रदेश ओबीसी कांग्रेस के अध्यक्ष एवं राजस्थान ओबीसी कांग्रेस सलाहकार परिषद के संयोजक हरसहाय यादव के नेतृत्व में आज राजस्थान ओबीसी कांग्रेस सलाहकार परिषद की महत्वपूर्ण बैठक राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर जयपुर में आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता अखिल भारतीय ओबीसी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जयहिंद ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. चंद्रभान और राजकमल राव उपस्थित रहे।
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ओबीसी विभाग के संगठन प्रभारी सागर मावर ने बताया कि बैठक में सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल, विधायक रफीक खान, प्रह्लाद गुंजल, हाकम अली, शाले मोहम्मद, डूंगाराम गेदडर, मनीष यादव, पूर्व मंत्री शकुंतला रावत, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव विजय जांगिड़, पूर्व विधायक इंद्राज गुर्जर सहित राजस्थान ओबीसी कांग्रेस सलाहकार परिषद के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक में प्रदेशभर से आए परिषद सदस्यों ने ओबीसी समाज की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक एवं राजनीतिक भागीदारी से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से अपने सुझाव एवं विचार रखे। सभी सुझावों पर व्यापक चर्चा के उपरांत निम्न प्रमुख प्रस्तावों पर सहमति व्यक्त की गई।
1. ओबीसी आरक्षण को वर्तमान 21 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया जाए।
2. लोकसभा एवं विधानसभा में ओबीसी समाज को राजनीतिक आरक्षण सुनिश्चित करने हेतु संवैधानिक व्यवस्था की जाए।
3. महिलाओं को मिलने वाले 33 प्रतिशत आरक्षण में ओबीसी महिलाओं की समुचित हिस्सेदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि सामाजिक न्याय की भावना वास्तविक रूप से लागू हो सके।
बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. अनिल जयहिंद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सदैव सामाजिक न्याय, समान अवसर और संविधान की मूल भावना के साथ खड़ी रही है। ओबीसी समाज की जनसंख्या के अनुरूप उसे शिक्षा, रोजगार, राजनीति एवं प्रशासन में उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ओबीसी समाज के अधिकारों की लड़ाई को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूती से आगे बढ़ाएगी।
उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी लगातार देशभर में ओबीसी, दलित, आदिवासी एवं वंचित वर्गों की आवाज़ को मजबूती से उठा रहे हैं। राहुल गांधी द्वारा समय-समय पर जातिगत जनगणना, आबादी के अनुपात में भागीदारी, शिक्षा एवं रोजगार में समान अवसर, सामाजिक न्याय तथा सरकारी संस्थाओं में ओबीसी समुदाय की उचित हिस्सेदारी की मांग को प्रमुखता से रखा गया है। कांग्रेस का स्पष्ट मानना है कि जितनी आबादी, उतना हक़—यही सामाजिक न्याय का वास्तविक आधार है।
मुख्य अतिथि श्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि राजस्थान कांग्रेस हमेशा ओबीसी समाज के सम्मान, अधिकार और विकास के लिए प्रतिबद्ध रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकारों ने हमेशा सामाजिक न्याय को प्राथमिकता देते हुए पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। आज आवश्यकता इस बात की है कि ओबीसी युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार, राजनीतिक भागीदारी और समान अवसर उपलब्ध कराए जाएँ। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार की नीतियों से ओबीसी समाज के युवाओं को रोजगार, शिक्षा और प्रतिनिधित्व के क्षेत्र में निराशा का सामना करना पड़ रहा है तथा सामाजिक न्याय की अवधारणा लगातार कमजोर हुई है।
बैठक में उपस्थित नेताओं एवं परिषद सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि कांग्रेस पार्टी ही वह राजनीतिक शक्ति है जिसने संविधान की भावना के अनुरूप सामाजिक न्याय को मजबूत किया है और भविष्य में भी ओबीसी समाज के अधिकारों, सम्मान एवं भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी।
अंत में राजस्थान ओबीसी कांग्रेस अध्यक्ष श्री हरसहाय यादव ने सभी अतिथियों, परिषद सदस्यों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि परिषद द्वारा दिए गए सुझावों को संगठन के माध्यम से राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुँचाया जाएगा तथा ओबीसी समाज के अधिकारों की लड़ाई को गाँव-गाँव तक ले जाने का कार्य किया जाएगा।