जयपुर में रात 3 बजे क़त्ल, फरार कैदी मना रहे जश्न; सीएम को राजकाज की फुर्सत नहीं, राजस्थान में जंगलराज से सहमी जनता: टीकाराम जूली , नेता प्रतिपक्ष राजस्थान विधानसभा
समीक्षा बैठकों से नहीं सुधरेगी कानून व्यवस्था, राजस्थान को पार्ट-टाइम’ नहीं, तुरंत मिले फुल-टाइम गृह मंत्री
जयपुर। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने प्रदेश की चरमराती कानून व्यवस्था और सोमवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा ली गई कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक पर कड़ा तंज कसा है।
जूली ने तीखा सियासी हमला बोलते हुए कहा कि ‘बहुत देर कर दी मेहरबां आते-आते’। मुख्यमंत्री जी, अब केवल डायलॉगबाजी और भाषणबाजी से काम नहीं चलेगा, राजस्थान की जनता अब खोखली समीक्षा नहीं, बल्कि धरातल पर ठोस बदलाव मांग रही है।
उन्होंने साफ लहजे में कहा कि प्रदेश को इस वक्त एक पूर्णकालिक गृह मंत्री की सख्त जरूरत है, क्योंकि पार्ट-टाइम निगरानी से राजस्थान जैसे बड़े राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को नहीं संभाला जा सकता। मुख्यमंत्री को तो दिल्ली शंटिंग करने से फुर्सत नहीं है गृह विभाग में पूर्णकालिक मंत्री के अभाव में पुलिस का इकबाल पूरी तरह खत्म हो चुका है, अपराधी बेलगाम होकर सरकार और कानून को बार-बार सीधी चुनौती दे रहे हैं, जिसके कारण आज पूरे प्रदेश की जनता इस ‘जंगलराज’ से बुरी तरह सहमी हुई है।
नेता प्रतिपक्ष ने राजधानी जयपुर से लेकर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हाल ही में हुई दर्दनाक और खौफनाक वारदातों का हवाला देते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि जयपुर के एक क्लब में रात के तीन बजे सरेआम पार्टी चल रही है, जहां एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी जाती है। शर्मनाक बात तो यह है कि उस पार्टी में भरतपुर से फरार चल रहे शातिर कैदी भी मौजूद थे और मजे कर रहे थे। जूली ने सवाल उठाया कि राजधानी में रात के तीन-तीन बजे तक फरार कैदी पुलिस की छाती पर मूंग दल रहे हैं और हत्याएं हो रही हैं, आखिर किस तरह की निगरानी और पुलिसिंग हो रही है?
उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि केवल जयपुर ही नहीं, बल्कि हाल ही में भरतपुर, अलवर और अन्य जिलों में सिलसिलेवार तरीके से हुई संगीन आपराधिक घटनाएं इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं कि बदमाशों में पुलिस का कोई खौफ नहीं बचा है।
सबसे ज्यादा विचलित करने वाली घटना श्रीगंगानगर से सामने आई है, जहां एक मासूम बालिका के साथ हुआ पैशाचिक कृत्य प्रदेश की आत्मा को झकझोर देने वाला है; क्या यही आपकी सरकार की महिला सुरक्षा के दावे हैं?
जूली ने आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अकेले जयपुर कमिश्नरेट में इस वर्ष जनवरी से जून के बीच महज छह महीनों में 50 लोगों की हत्याएं हो चुकी हैं। जब राजधानी का यह हाल है, जहां खुद मुख्यमंत्री और पूरी सरकार बैठती है, तो भरतपुर, अलवर और श्रीगंगानगर जैसे जिलों की कानून व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दी गई है।
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार अब भी कुंभकर्णी नींद से जागे, कानून व्यवस्था को सिर्फ कागजी भाषणों तक सीमित रखना बंद करे और तुरंत एक समर्पित, पूर्णकालिक गृह मंत्री की नियुक्ति कर जनता को इस खौफनाक जंगलराज से मुक्ति दिलाए, वरना कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक जनता के इस हक की लड़ाई को और उग्र करेगी।