जयपुर। मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण और निर्वाचन आयोग को लेकर कांग्रेस के विरोध पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सवालों पर कहा है कि गहलोत को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सलाह पर टिप्पणी करने के बजाय अपनी पार्टी के नेताओं के आचरण पर भी बोलना चाहिए।
भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि निर्वाचन आयुक्त से मुलाकात के लिए निर्धारित प्रक्रिया है। किसी शिकायत को लेकर सैकड़ों लोगों के साथ पहुंचना और शक्ति प्रदर्शन उचित तरीका नहीं है। कांग्रेस नेताओं को समय लेकर सीमित प्रतिनिधिमंडल के साथ निर्वाचन आयुक्त के समक्ष तथ्य और तर्क रखने चाहिए। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी कांग्रेस को यही सलाह दी थी।
राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस कभी 240 तो कभी 400 लोगों के साथ आयोग से मिलने की बात करती है, जबकि शिकायतों के समाधान के लिए संस्थागत प्रक्रिया का पालन जरूरी है। राठौड़ ने SIR और निर्वाचन आयोग के मुद्दे से आगे बढ़कर राहुल गांधी के आचरण के साथ जेएनयू प्रकरण को भी राजनीतिक बहस में शामिल किया। उन्होंने गहलोत से सवाल किया कि वे राहुल गांधी के उस कथित व्यवहार पर क्यों नहीं बोलते, जिसे भाजपा महिला पुलिसकर्मी के प्रति अभद्रता बता रही है।
राठौड़ ने कहा कि सार्वजनिक पदों पर बैठे नेताओं से मर्यादित व्यवहार की अपेक्षा की जाती है और नेता प्रतिपक्ष के पद की गरिमा के अनुरूप आचरण होना चाहिए। जेएनयू से जुड़े मामले का उल्लेख करते हुए राठौड़ ने कांग्रेस सांसद एवं प्रोफेसर डॉ. अंगोमचा बिमोल अकॉइजाम पर छात्राओं से संबंधित गंभीर आरोपों को लेकर भी कांग्रेस नेतृत्व से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा और सम्मान के मामलों में राजनीतिक दलों को स्पष्ट रुख रखना चाहिए। ये आरोप और राजनीतिक टिप्पणियां हैं; मामले में दोष तय करने का आधार संबंधित जांच और कानूनी प्रक्रिया होगी