जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शन में विदेशी ताकतों का हाथ होने के भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के बयान कहा कि भाजपा और मोदी सरकार विदेशी ताकतों के दबाव में काम कर रही है। मोदी सरकार ट्रेड एग्रीमेंट नहीं कर पा रही है। डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में प्रधानमंत्री काम कर रहे हैं। पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, लेकिन ट्रंप की धमकी के बाद तुरंत उसे बंद कर दिया। पूरा देश 12 साल से देख रहा है कि कैसे मोदी सरकार विदेशी ताकतों के सामने नतमस्तक है।
पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के बयान पर कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कह रहे हैं कि कांग्रेस और जेन जी देश में अराजकता फैलाने का काम कर रहे हैं। लोकतंत्र में लोग सड़कों पर उतरते हैं और अपनी बात रखते हैं। जब भाजपा के लोग विपक्ष में थे, तब ये लोग अनगिनत बार सड़कों पर उतरे होंगे। कांग्रेस ने कभी नहीं कहा कि विपक्ष विदेशी ताकतों के हाथों में खेल रहा है। हमने हमेशा विपक्ष का सम्मान किया है। उन्होंने कहा कि नितिन नवीन को जवाब देना चाहिए कि उन्होंने यह बयान किसके इशारे पर दिया है। क्या उन्हें गृहमंत्री या प्रधानमंत्री ने कहा था। आखिर किसने उन्हें ऐसी भाषा का इस्तेमाल करने के आदेश दिए थे। गहलोत ने कहा कि बीजेपी एक राजनीतिक दल है, तो राजनीतिक तरीके से ही मुकाबला करना चाहिए।
अशोक गहलोत ने कहा कि पूरी दुनिया को इस बात पर गर्व है कि हिंदुस्तान सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है, लेकिन आज भाजपा सरकार नौजवान और देशवासियों के संघर्ष को कुचलना चाहती है। आर्मी, बीएसएफ और तमाम पैरामेडिकल फोर्स से दिल्ली को घेर रखा है जैसे जंग के मैदान में जा रहे हों। इतनी सारी फोर्स जैन जी के खिलाफ उतार दी है। गहलोत ने कहा कि पहले भी जुलाई में युवाओं पर पैलेट गन चलाई गई थी। संसद में मामला उठा, 20 दिन तक पार्लियामेंट नहीं चली। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने कोई जवाब नहीं दिया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं नितिन नवीन के बयान की निंदा करता हूं। जिस तरह से वो देशवासियों को धमकी दे रहे हैं कि हम सख्ती से निपटेंगे। गहलोत ने आरोप लगाया कि नितिन नवीन अमित शाह के इशारे के बगैर ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं क्योंकि वो जिस तरह से बोल रहे हैं ऐसा लग रहा है कि देश के गृहमंत्री बोल रहे हों।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि देश में 13 करोड़ 30 लाख वोट काट दिए। लोग सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कह रहे हैं कि कांग्रेस और जेन जी विदेशी ताकतों हाथों में खेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल में वोट चोरी की 90% शिकायतें सही साबित हुई हैं। गहलोत ने कहा कि हालांकि यह बात सही है कि देश में 60 से 70% वोटिंग होती है। 30% लोग वोट नहीं देते हैं। एक दो बार को छोड़ दिया जाए, तो हमेशा 60 से 70% के आसपास वोटिंग रहती है। लोग वोट नहीं देते हैं, उन्हें नहीं पता कि उनका वोट कट गया है। उन्होंने दावा किया कि इतिहास गवाह है कि कांग्रेस के शासन में एक भी वोट नहीं कटे, इसका प्रयास होता था। चुनाव आयोग की कोशिश होती थी कि एक भी वोट बाहर नहीं जाना चाहिए। पहले गांव ढाणी तक पोलिंग बूथ लगता था, मोबाइल बूथ होता था, लेकिन अब भाजपा के लोग कह रहे हैं कि इस बार वोट नहीं दिया कोई बात नहीं, अगली बार वोट दे देना।
अशोक गहलोत ने भाजपा पर आरोप लगाया कि जिन लोगों ने आजादी की जंग में भाग नहीं लिया, कभी जेल नहीं गए। संघर्ष नहीं किया, एक अंगुली तक नहीं कटाई और अंग्रेजों के विश्वासपात्र बने रहे। वो लोग आज विपक्षी दलों को देशभक्ति का पाठ पढ़ा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी ने इस देश की आजादी के आंदोलन में हिस्सा लिया। 10-10 सालों तक कांग्रेस के नेता जेल में रहे हैं और मुल्क को आजाद कराया। उस पार्टी के सिपाहियों के लिए ऐसी भाषा काम में लेना कि वो अराजकता कर रहे हैं, यह बताता है कि नितिन नवीन की सोच क्या है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस का लोकतंत्र में कोई विश्वास नहीं है, यह लोकतंत्र का मुखौटा पहनकर चुनाव जीत गए और अब धर्म के नाम पर राजनीतिक कर रहे हैं, लेकिन देश की जनता समझ चुकी है कि इनकी करनी और कथनी में बहुत अंतर है। गहलोत ने आरोप लगाया कि जब नरेंद्र मोदी ने पहली बार 2013 में प्रचार किया था, तब देश से बड़े-बड़े वादे किए थे। स्विस बैंकों से काला धन वापस लाने की बात कही थी और कहा था कि हम इतना पैसा इकट्ठा कर लेंगे कि हर भारतवासी के खाते में 15-15 लाख रुपए आ जाएंगे। उस पर आज तक अब यह लोग कोई चर्चा नहीं करते हैं। आखिर वो काला धन कहां चला गया. स्विस बैंक को में तो काला धन 3 गुना बढ़ गया। 2 करोड़ लोगों को हर साल नौकरियां देने के वादे पर बात नहीं करते हैं। किसानों की आमदनी दोगुनी करने की बात कही थी। उस पर भी आज तक कुछ नहीं बोलते हैं।