जयपुर। आरक्षण की मांग पर जयपुर के विद्याधर नगर में आयोजित पहापड़ाव के दौरान बवाल हो गया ओर पुलिस पर पथराव किया गया।
दरअसल 10 फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर राजधानी जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में घुमंतु अर्ध घुमंतु जातियों के लोग महापड़ाव पर बैठे थे। दोपहर बाद आंदोलन ने अचानक उग्र रूप ले लिया और पुलिस पर जमकर पत्थरबाजी शुरू हो गई। जवाब में पुलिस ने वहां मौजूद लोगों पर जमकर लाठी बरसाई और आंसू गैस के गोले भी छोड़े। दोनों तरफ से करीब 20 मिनट तक पत्थरबाजी होती रही।
प्रदेश में 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर 2 साल से आंदोलनरत घुमंतु एवं अर्ध घुमंतु जातियों ने पहले जोधपुर में आंदोलन किया था। अब जयपुर में सरकार के खिलाफ आरपार की लड़ाई का ऐलान करते हुए बुधवार से जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में महापड़ाव डाला गया। महापड़ाव में राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश से बड़ी संख्या में घुमंतु एवं अर्ध घुमंतु जातियों के लोग शामिल होने जयपुर पहुंचे। इधर घुमंतु एवं अर्ध घुमंतु जातियों के महापड़ाव के चलते विद्याधर नगर स्टेडियम के आसपास पुलिस का तगड़ा बंदोबस्त किया गया। डीएनटी जातियों की उग्र आंदोलन की चेतावनी के मद्देनजर पुलिस को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
आंदोलन में शामिल पशुपालन संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी रायका ने कहा कि 10% आरक्षण की मांग को लेकर पिछले 2 साल से आंदोलन कर रहे हैं। सरकार से कई बार वार्ता भी हुई है, लेकिन बेनतीजा रही। आज हमने जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में महापड़ाव शुरू किया है। अब हम बिना आरक्षण लिए यहां से नहीं उठेंगे। हमने सरकार को 4 बजे तक का अल्टीमेटम दिया। अगर 4 बजे तक सरकार हमारी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है तो उसके बाद निर्णय लेंगे कि आगे क्या करना है। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव से भी हमारी वार्ता हुई थी, लेकिन वो बेनतीजा रही। अब हमने साफ कर दिया है कि हम मुख्यमंत्री स्तर पर ही वार्ता करेंगे। इसके अलावा किसी से वार्ता नहीं करेंगे, इसलिए अब हमने 4 बजे तक का समय सरकार को दिया है। देखते हैं सरकार उसमें क्या करती है, अगर उसके बावजूद भी सरकार नहीं चेती तो फिर हम बड़ा आंदोलन करेंगे।
घुमंतु एवं अर्ध घुमंतु जातियों के प्रदेशाध्यक्ष रतननाथ कालबेलिया ने कहा कि हमारी सीधी मांग यही है कि हमारी जातियों को 10% आरक्षण दिया जाए। हमारे जो लोग जहां बैठे हैं, वहीं पर स्थाई आवास का पट्टा दिया जाए। हमारी जातियों के नाम के आगे जो विसंगति है, उन्हें तुरंत दूर किया जाए। इन्हीं 11 सूत्री मांगों को लेकर हम पिछले दो साल से आंदोलन कर रहे हैं। हमने आज शाम 4बजे तक का समय सरकार को दिया है। अब मुख्यमंत्री लेवल से कम वार्ता किसी से नहीं की जाएगी। अभी अगर सरकार हमारी मांगों पर विचार नहीं करती है तो हम उग्र आंदोलन करेंगे। इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी।
रतननाथ कालबेलिया ने कहा, सरकारी रिकॉर्ड में घुमंतु एवं अर्ध घुमंतु में 32 जातियां आती हैं, लेकिन 53 जातियां वास्तविक तौर पर है। सभी लोग आज इस महापड़ाव में शामिल हैं। हमने अपना प्रतिनिधिमंडल बना दिया, सरकार चाहे तो उनसे वार्ता कर ले। हम 4 बजे बाद पैदल मार्च करते हुए शहीद स्मारक पर जाएंगे। वहां पर हमारी सभा होगी और उसके बाद मुख्यमंत्री आवास कूच करेंगे। सरकार यह समझती है कि हमें महापड़ाव में उलझा कर रखेगी तो यह उनकी भूल हैं। हम जमीन पर आंदोलन कर रहे हैं। हम पैदल मार्च करेंगे। शहीद स्मारक पर ही तय करेंगे कि हमें विधानसभा का घेराव करना है या मुख्यमंत्री आवास की तरफ कूच करना है।