अजमेर। केकड़ी के राजकीय जिला अस्पताल में कार्यरत चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ अशोक कुमार मीणा ने वाट्सएप पर ‘मरीज नहीं देखे जाएंगे, अनावश्यक कॉल न करें। उसके बाद उन्होंने सुसाइड कर लिया।
संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या करने वाले डॉ मीणा पिछले एक साल से केकड़ी अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे थे। वाट्सएप पर स्टेटस डालने के बाद उन्होंने किसी का कॉल रिसीव नहीं किया। उनके सरकारी आवास में पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मील ने बताया कि सूचना मिलते ही वे और सिटी थानाधिकारी अनिल शर्मा मय पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचे। जहां अस्पताल के पीछे चिकित्सक के सरकारी आवास के कमरे में शव मिला। उन्होंने बताया कि डॉ अशोक मीणा ने सोमवार को तबीयत ठीक नहीं होने की बात कहते हुए ड्यूटी नहीं ली थी। मंगलवार सुबह डॉ मीणा के यहां खाना बनाने वाली महिला ने उनके लिए नाश्ता तैयार किया था और उसके बाद वह वहां से चली गई थी। प्रथम दृष्ट्या मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। मील ने बताया कि डॉ अशोक कुमार मीणा के सरकारी आवास को सील करवा दिया गया है। पड़ताल में किसी तरह का सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। मृतक चिकित्सक के परिजनों को मामले की सूचना दी गई है। परिजनों की मौजूदगी में डॉ मीणा के आवास की गहन तलाशी ली जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि चिकित्सक के पिता देवली के समीप राजकोट में रहते है। डॉ मीणा ने मंगलवार सुबह 10.37 बजे व्हाटसएप पर आखरी स्टेटस लगाया था, जिसमें उन्होंने लिखा कि ‘मरीज नहीं देखे जाएंगे, अनावश्यक कॉल न करें’।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार डॉ अशोक कुमार मीणा की मंगलवार को डे ड्यूटी थी। निर्धारित दो बजे तक अस्पताल नहीं पहुंचने पर पीएमओ समेत अन्य कार्मिकों ने भी उन्हें फोन किया था, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। इसके बाद चिकित्साकर्मी अस्पताल के पीछे बने उनके सरकारी आवास में पहुंचे। जहां उन्होंने दरवाजा भी खटखटाया, लेकिन भीतर से कोई जवाब नहीं मिला। इस दौरान एक कर्मचारी ने सरकारी आवास की खिड़की की दरार में से झांक कर देखा, तो डॉ मीणा का शव नजर आया। कार्मिक ने चिकित्सा अधिकारी को मामले की सूचना दी। इसके बाद चिकित्सा अधिकारी की सूचना पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मील, शहर थानाधिकारी अनिल शर्मा मौके पर पहुंचे। जहां सरकारी आवास के घर का मुख्य दरवाजा तोड़कर पुलिस ने भीतर प्रवेश किया।