जयपुर । एसटी, एससी मामलों की विशेष अदालत ने बिजली कंपनी के एईएन से मारपीट के मामले में पूर्व विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ आईपीसी और एसटी, एससी एक्ट के तहत आरोप तय किए हैं। वहीं, अदालत ने अभियोजन पक्ष को 21 फरवरी से अपनी साक्ष्य पेश करने को कहा है। सुनवाई के दौरान मलिंगा सहित अन्य आरोपी अदालत में पेश हुए।
अदालत की ओर से प्रकरण को लेकर इन आरोपियों पर चार्ज फ्रेम किए गए, जिससे आरोपियों ने इनकार कर मामले की ट्रायल चाही। इस पर अदालत ने अभियोजन पक्ष को अपने साक्ष्य पेश करने को कहा है।
पीड़ित पक्ष की अधिवक्ता मालती ने बताया कि 29 मार्च, 2022 को बाड़ी थाने में मलिंगा और उनके समर्थकों के खिलाफ बिजली कंपनी के एईएन हर्षाधिपति हमला और मारपीट का मामला दर्ज कराया था। वहीं, हाईकोर्ट ने 17 मई, 2022 को मलिंगा को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए था। जमानत मिलने के बाद जुलूस निकालने के चलते अदालत ने 5 जुलाई, 2024 को मलिंगा की जमानत रद्द करते हुए उसे 30 दिन में सरेंडर करने को कहा था।
इसके खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने 22 जुलाई, 2024 को हाईकोर्ट के जमानत रद्द करने के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी थी। वहीं, 8 नवंबर, 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने रोक को हटाते हुए मलिंगा को सरेंडर करने को कहा था। मलिंगा के सरेंडर करने के बाद 13 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने उसे जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए थे। वहीं, हाईकोर्ट ने मुकदमे की सुनवाई धौलपुर से जयपुर में ट्रांसफर करने के आदेश दिए थे। इसके खिलाफ मलिंगा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने मामले में दखल से इनकार कर दिया था।