’’खण्डीप में जल अधिकार आंदोलन को मिला नया बल, समर्थन में पहुंचे सांसद-विधायक’’
गंगापुर सिटी। खण्डीप में पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर चल रही किसान महापंचायत एवं धरना-प्रदर्शन 19वें दिन भी पूरे जोश और उत्साह के साथ जारी रहा। धरना स्थल पर हजारों की संख्या में पंच-पटेल, किसान, महिलाएं, पुरुष एवं युवा उपस्थित रहे और जल अधिकार आंदोलन को नई ऊर्जा एवं मजबूती प्रदान की।
आज किसान महापंचायत के समर्थन में तहसील नादौती एवं टोडाभीम क्षेत्र के शेखपुरा, अखाड़ा, किरवाड़ा, सहजनपुर, भोपर, भादरपुर, सोप, कैमा, ल्हावद, तूमापुरा, मिलकसराय एवं महानन्दपुर ड्योढा सहित अनेक गांवों के पंच-पटेल, किसान, महिला-पुरुष एवं युवा भारी लवाजमे के साथ धरना स्थल पर पहुंचे। पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति एवं विधायक रामकेश मीना ने पुष्पवर्षा कर सभी का स्वागत किया तथा आंदोलन को समर्थन देने के लिए आभार व्यक्त किया।
धरना स्थल पर टोंक-सवाई माधोपुर सांसद हरिश्चन्द्र मीना, टोडाभीम विधायक घनश्याम महर एवं पूर्व विधायक लाखन सिंह मीना आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे। इस दौरान पूर्व मंत्री गोलमा देवी भी मौजूद रहीं। सभी जनप्रतिनिधियों ने किसानों को संबोधित करते हुए उनके संघर्ष को न्यायोचित बताया तथा आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए किसानों का उत्साहवर्धन किया।
पूर्व विधायक लाखन सिंह मीना ने अपने संबोधन में कहा कि जब तक कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पांचना बांध का पानी नहीं छोड़ा जाता, तब तक किसानों के हितों और अधिकारों की रक्षा के लिए हर प्रकार का संघर्ष जारी रहेगा।
पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति एवं विधायक रामकेश मीना ने बताया कि 24 जून 2026 को समाज के सभी जनप्रतिनिधियों और नेताओं से, चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े हों, खण्डीप धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों के संघर्ष में भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया है। उन्होंने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि किसानों के अधिकार और न्याय की लड़ाई का मंच है।
समिति ने बताया कि दिनांक 24 जून 2026 को किसान महापंचायत के समर्थन में झारेड़ा, सिंघनिया, श्यामपुर, मूंडरी, लालारामपुरा, गढ़ी पनमेड़ा, फाजीलाबाद, कंवरपुरा एवं मौसलपुर सहित अनेक गांवों के पंच-पटेल, किसान, युवा, महिलाएं एवं पुरुष सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ खण्डीप पहुंचेंगे।
टोडाभीम विधायक घनश्याम महर ने अपने सम्बोधन में कहा कि पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति के देवीसिंह जी ने जो कहा है कि कल 24 जून 2026 को सभी समाजों के जनप्रतिनिधि वो चाहे वर्तमान में किसी राजनीतिक पद पर हो या कोई पूर्व हों, सभी को धरना स्थल पर आना होगा, यदि ये जनप्रतिनिधिगण नही आते हैं तो संघर्ष समिति और समाज उन पर उठोर निर्णय लेगा। साथ ही राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार में भोलू हलवाई बैठा है जो जनता की सुध नही लेना चाहता और वो सिर्फ कचौड़ी-समौसे के स्वाद का प्रचार कर रहा है। सरकार द्वारा किसानों की समस्याओं और कमाण्ड क्षेत्र के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है।
विधायक रामकेश मीना ने अपने सम्बोधन में कहा कि पूरे राजस्थान के लेाग कह रहे हैं कि 70 वर्षों में ऐसा आन्दोलन नही देखा जिसकी चर्चा दिल्ली तक है। राज0 की सरकार ये सोच रही है कि दो वर्गों को आपस मंे लड़ाकर राजनीतिक उल्लू सीधा कर लेंगे, ऐसा नही चलेगा। हमारे सब्र की परीक्षा न ले सरकार, हमने 27 जून तक का अल्टीमेटम दे रखा है, सरकार हमारी नहरों में पानी खोलने का आदेश जारी करे। सरकार को न हाईकोर्ट के आदेश की चिन्ता है और नही ही जनता की चिन्ता है। सरकार के नुमाईन्दे गृहमंत्री जी कुछ दिनों पहलें कोड़िया मंे आये और आज करौली में आयें हैं। गृहमंत्री जी ने देवलेन की पंचायत में जाकर किसानों का ज्ञापन ले लिया, क्या खण्डीप में बैठे लोग किसान नही हैं जो आपने यहां आना उचित नही समझा। न जाने किस अनहोनी का इन्तजार कर रहे हैं। इनके ये मंसूबे कभी पूरे नही होंगे। अगर एक भी जनहानि होती है तो ये किसान राज0 की सरकार को उखड़ कर फेंक देगी। इतनी बड़ी संख्या में लोग यहां तपती दोपहर में बैठे हैं लेकिन सरकार के कानों पर जूं नही रेंग रही है। उन्होंने कहा कि जैसा समिति ने बताया कि सभी जनप्रतिनिधियों को यहां आना है जिससे हमें और इस धरने को संबल मिलेगा।
सांसद हरिशचन्द मीना ने कहा कि हमारी मांग किसी वर्ग से नही सरकार से है, और ये माननीय कोर्ट का निर्णय है जिसकी पालना सरकार को करनी चाहिए। इस आन्दोलन से हमें सफलता अवश्य मिलेगी। मैं आप सबके फैसले के साथ हूं, अगर आप चाहें तो पांचना पर भी चलने को तैयार हूं। गोलमादेवी जी हमारे समर्थन में यहां पांच दिनों से मौजूद हैं लेकिन ये पर्याप्त नही है। डॉ. किरोड़ीलाल जी को भी धरना स्थल पर आना चाहिए और हमारे अधिकारों की लड़ाई में सहयोग करना चाहिए। सभी नेताओं को इस मंच पर आकर सरकार पर पानी खुलवाने के लिए दवाब बनाना चाहिए।
खण्डीप में जल अधिकार आंदोलन के समर्थन में पहुंचे सांसद-विधायक