गरीबों को पट्टों से पूरी तरह वंचित रखा, जलभराव से शहर बेहाल — विधायक डूंगर राम गेदर ने विधानसभा में भाजपा सरकार को घेरा
जयपुर। राजस्थान विधानसभा में सूरतगढ़ के विधायक डूंगर राम गेदर ने मांग संख्या 39 एवं 40 पर बोलते हुए सूरतगढ़ क्षेत्र की उपेक्षा और भाजपा सरकार की विफलताओं को उजागर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की भाजपा सरकार द्वारा आयोजित शहरी सेवा शिविर केवल दिखावा साबित हुए और जनता को कोई वास्तविक राहत नहीं मिली।
विधायक गेदर ने कहा कि विभिन्न कैम्पों में स्ट्रीट लाइट सुधार, सफाई व्यवस्था, नालियों की सफाई और पट्टे वितरण के वादे किए गए, लेकिन धरातल पर एक भी काम पूरा नहीं हुआ। 2023 में शुल्क जमा कर चुके पात्र नागरिकों को आज तक पट्टे जारी न करना सरकार की नीयत पर प्रश्नचिह्न लगाता है।
उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार के समय 31 दिसंबर 2018 तक बने भवनों पर मात्र ₹501 में पट्टे देकर लाखों गरीब परिवारों को वैधानिक अधिकार दिए गए थे, जबकि वर्तमान भाजपा सरकार पुराने सर्वे के आधार पर पट्टों को लटकाकर गरीबों को अधिकारों से वंचित कर रही है।
विधायक ने वार्ड संख्या 3 एवं 26 के निवासियों द्वारा पट्टों की मांग को लेकर किए गए धरना, बाजार बंद और आंदोलनों का उल्लेख करते हुए कहा कि जनआक्रोश के बावजूद सरकार और प्रशासन ने संवेदनहीन रवैया अपनाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि अधिशासी अधिकारी स्तर तक स्वीकृत 18 फाइलों सहित अनेक पट्टा प्रकरण जानबूझकर लंबित रखे गए हैं। निजी कॉलोनियों में आर्थिक लाभ लेकर पट्टे जारी किए जा रहे हैं, जबकि कब्जा नियमन के अंतर्गत गरीबों के पट्टे रोके जा रहे हैं।
विधायक गेदर ने सैनी गार्डन क्षेत्र एवं किशनपुरा आबादी क्षेत्र में वर्षों पूर्व नीलामी के बाद भी भूखंडों का कब्जा न मिलने को भाजपा शासन की प्रशासनिक विफलता बताया। उन्होंने कहा कि 10–15 वर्षों से लाखों रुपये जमा कराने के बावजूद लोगों को भूमि अधिकार नहीं मिले हैं।
उन्होंने नगर पालिका भूमि पर बढ़ते अतिक्रमण, भू-माफियाओं की सक्रियता और नियोजित नीलामी न होने से पालिका को करोड़ों रुपये के संभावित नुकसान के लिए भी सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
भारी वर्षा के दौरान जलभराव की समस्या को उठाते हुए विधायक ने बताया कि सूरतगढ़ के वार्ड संख्या 11, 20, 26, 33, 37, 38, 40, 41, 42 और 45 सहित कॉलेज खेल मैदान, राजीव गांधी स्टेडियम और मोटर मार्केट क्षेत्र में 4–5 फीट तक पानी भर जाता है। कई दिनों तक जलभराव रहने से लोगों को घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ता है तथा सांप-बिच्छू जैसे विषैले जीवों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने स्थायी जल निकासी व्यवस्था की मांग की।
उन्होंने गुरुद्वारा सिंह सभा सहित ब्राह्मण समाज, स्वामी समाज, जाट समाज, नायक समाज, रायसिंह समाज की धर्मशालाओं तथा कुम्हार समाज छात्रावास की वर्षों से लंबित पट्टा फाइलों का शीघ्र निस्तारण न होने पर भी सरकार को कठघरे में खड़ा किया।
अंत में विधायक गेदर ने सफाई कर्मियों की भर्ती में वाल्मीकि समाज को शत-प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने, ठेका प्रथा समाप्त कर सफाई कर्मियों को स्थायी करने, सुविधाओं में बढ़ोतरी करने तथा महिला सफाई कर्मियों के बच्चों को शिक्षा में विशेष सुविधा देने की मांग करते हुए कहा कि भाजपा सरकार सामाजिक न्याय के मुद्दों पर भी विफल रही है।
उन्होंने राज्य सरकार से तत्काल प्रभाव से कार्रवाई कर सूरतगढ़ की जनता को राहत देने की मांग की।y