हनुमानगढ़। नगर निकाय और सभापति चुनावों से ठीक पहले फर्जी पट्टा प्रकरण में गिरफ्तार किये गए हनुमानगढ़ के निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल को शनिवार को जिला एवं सेशन न्यायालय ने जमानत दे दी। जमानत मिलते ही जिला जेल के बाहर उनके समर्थकों ने फूल-मालाओं, आतिशबाजी व जोरदार नारेबाजी के साथ उनका स्वागत किया। इससे पहले शुक्रवार को सीजेएम कोर्ट ने विधायक की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया था, जिसके बाद उनकी लीगल टीम ने तुरंत उच्च अदालत में जमानत याचिका दाखिल की थी।
एडीजे सुनीता बेड़ा की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विधायक बंसल को जमानत पर रिहा करने का फैसला सुनाया। इस मामले में जांच कर रही सीआईडी-सीबी की टीम ने विधायक का 7 दिन का और पुलिस रिमांड मांगा था, लेकिन न्यायालय ने रिमांड अवधि बढ़ाने से साफ इनकार करते हुए उन्हें एक दिन की न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया था। अदालत में विधायक बंसल की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता मनजिंद्र सिंह लेघा और धर्मेंद्र ने पैरवी की, जबकि शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज डोडा व रवि गोयल ने पक्ष रखा।
इससे पहले इस मामले में जिला बार संघ हनुमानगढ़ के अध्यक्ष रोहित खिची को एक अज्ञात व्हाट्सएप काल करके एक व्यक्ति ने खुद का नाम रिछपाल खर्रा बताकर कथित तौर पर विधायक बंसल एवं सुमित रणवाँ की अदालती पैरवी न करने की धमकी दी। इस धमकी भरे कॉल से जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने आरोपी रिछपाल खर्रा के खिलाफ तुरंत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि आरोपी पर त्वरित कार्रवाई नहीं हुई, तो वे राजस्थान ही नहीं, बल्कि देशव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे।