” ऐसी क्या मजबूरियां हुईं कि आपने अरावली माता को ही दांव पर लगा दिया ?”
अरावली की गोद में बैठ कर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से सवाल
27 दिसंबर को अलवर में जनजागरण अभियान
अलवर। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने बृहस्पतिवार को एक अभूतपूर्व पहल करते हुए अलवर में अरावली की तलहटी में, पहाड़ों के बीच विशेष प्रेस वार्ता आयोजित की। खुले आसमान के नीचे अरावली की गोद में बैठकर जूली ने अरावली संरक्षण का बड़ा संदेश दिया और सीधे तौर पर यह दिखाया कि वो अरावली माता को बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
जूली ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी अरावली के विनाश के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी और उन्होंने घोषणा की कि इसके लिए 27 दिसंबर को अलवर में जनजागरण अभियान का शंखनाद किया जाएगा।
प्रेस वार्ता के दौरान पीछे की पहाड़ियों की ओर इशारा करते हुए श्री जूली ने कहा, “ मेरे पीछे जो पहाड़ी आ रही है, वह एक तरफ पहाड़ी वो है जो संरक्षित की गई है और उसके साइड में आप देखेंगे तो पहाड़ी वो है जिसके अंदर खनन किया हुआ है। तो यह बताता है संरक्षित का महत्व क्या है और खनन करने के बाद की स्थिति क्या है।“
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से सवाल: “अरावली माता को दांव पर क्यों लगाया?”
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने स्थानीय सांसद और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को सीधे निशाने पर लेते हुए सवाल किया कि “आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी जो उन्होंने अरावली माता को ही दांव पर लगा दिया?”
अरावली क्षेत्र के धार्मिक महत्व का जिक्र करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि “जहां हम बैठे हैं, इसी पहाड़ी के नीचे जगन्नाथ जी का मंदिर है और पीछे ऊपर की ओर प्राचीन दरगाह है। भर्तृहरि, पांडुपोल, नीलकंठ इत्यादि यह सब इस अरावली माता की गोद में ही बसे हुए हैं। आने वाले समय में इस निर्णय से हमारे इन पवित्र मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर भी बड़ा संकट पैदा होगा।
नेता प्रतिपक्ष ने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि पहाड़ियों पर आए खतरे का वर्णन करते हुए सवाल किया कि ” जिन पहाड़ियों को आपने फीते से नापकर अरावली से बाहर कर दिया, उनके अंदर कितना खनन होगा? ” उन्होंने कहा कि 1% पहाड़ियां 100 मीटर से ऊपर हैं तकरीबन 90 % पहाड़ियां आप खनन के क्षेत्र में दे देंगे तथा आज नहीं तो आने वाले समय में हमारी जनता का जीना दुश्वार हो जाएगा।
नेता प्रतिपक्ष ने केंद्रीय मंत्री यादव के अरावली के विषय पर अनेक इंटरव्यू दिए जाने पर भी सवाल किए और कहा कि सरकार के मंत्री का एक इंटरव्यू ही पर्याप्त होता है लेकिन मंत्री के अलग अलग चैनलों को इंटरव्यू देने का अर्थ है कि वो अपनी सफाई दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को घेरते हुए जूली ने कहा कि चार दिन पहले भाषण दिया था कि हम अरावली को कुछ नहीं होने देंगे। चार दिन से लेकर आज तक क्या आपने किया?”