निकाय चुनावों में अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका,कांग्रेस पहुंची चुनाव आयुक्त के पास

जयपुर। राजस्थान के निकाय चुनाव में पुलिस और प्रशासन की संदिग्ध भूमिका को लेकर राजस्थान कांग्रेस के नेताओं ने राज्य के निर्वाचन आयुक्त को ज्ञापन देकर अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की। निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह को ज्ञापन देने के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, कांग्रेस के मुख्य सचेतक रफीक खान, सांसद मुरारी लाल मीणा सहित कई नेता मौजूद रहे।

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि पार्षद लुटेरी भाजपा सरकार ने नगर निकाय चुनावों में प्रदेश में गुंडागर्दी और आतंक फैलाया। इसके खिलाफ आज राज्य निर्वाचन आयोग को ज्ञापन दिया है। सबूतों के साथ दिया कि भाजपा के एजेंट बनकर जो अधिकारी काम कर रहे थे, उनके खिलाफ हमने कई प्रकरणों की लिखित में शिकायत भी दी हैं। बाकी शिकायतें लोकल लेवल पर की हुई हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

जूली ने कहा कि नगर निकाय चुनाव में भाजपा सरकार द्वारा तानाशाही की गई। गुंडागर्दी की गई और पूरी सरकार सारे काम छोड़कर पार्षद लूटने में लगी हुई थी। चुनावों में पुलिस और प्रशासन तो लगा हुआ ही था। इसके अलावा सामान्य प्रशासन भी चुनाव में सरकार के लिए लगा हुआ था।

संविधान की शपथ लेकर भाजपा के एजेंट के रूप में जो-जो अधिकारी काम कर रहे थे। उनका समय आने पर राजस्थान विधानसभा में भी स्वर्ण अक्षरों से नाम लिखने का काम करेंगे कि उन्होंने भाजपा के एजेंट के रूप में काम किया है। ताकि आने वाली पीढ़ी भी याद रखे कि उनके पूर्वजों ने अधिकारी बनकर इतना बड़ा नाम कमाया कि वह इतिहास के पन्नों पर दर्ज हो गया।

जूली ने कहा कि भाजपा को पिछले नगर निकाय चुनाव से कम वोट आए। पिछले विधानसभा चुनाव से कम वोट आए। पिछले लोकसभा चुनाव से कम वोट आए और कांग्रेस के लगभग बराबर वोट आए। जो भाजपा कहती रहती है कि नगर निकाय तो हमारा गढ़ है।

जूली बोले कि भाजपा ने अपनी विफलताओं को छुपाने के लिए प्रधानमंत्री, गृहमंत्री से ट्वीट करवाए गए। अपना प्रचंड बहुमत—भाजपा इसी को प्रचंड बहुमत कहती है क्या ? अपनी कमियों को छुपाने के लिए, अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए यह सारा काम किया गया।

 

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