जयपुर। वोट चोरी और निकाय चुनाव में बेईमानी के आरोप लगाते हुए राजस्थान कांग्रेस ने आज भाजपा के खिलाफ जयपुर की सड़कों पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी,प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा,जयपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा,पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
विरोध प्रदर्शन से सबसे पहले जयपुर के शहीद स्मारक पर आयोजित सभा में पार्टी नेताओं ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर हमला बोला और निर्वाचन आयोग के दफ्तर का घेराव करने के मकसद से सैंकड़ों कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकाला। हालांकि पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंग के पहले नेताओं पर पानी की बौछारें कर मार्च को रोक दिया। इसके बाद पुलिस और कार्यकर्ताओ के बीच धक्का-मुक्की हुई और कार्यकर्ताओं को मौके से खदेड़ा गया।
कांग्रेस पार्टी का यह विरोध-प्रदर्शन मुख्य रूप से मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) में कथित धांधलियों और ‘वोट चोरी’ के गंभीर मुद्दों पर केंद्रित है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सोची-समझी रणनीति के तहत मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर हेरफेर किया गया है। पार्टी इसी के विरोध में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रही है। शहीद स्मारक पर एक विशाल जनसभा आयोजित करने के बाद, प्रदेश अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यालय की ओर पैदल मार्च करते हुए घेराव करने के लिए आगे बढ़ी।
इससे पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि वोट चोरी और निकाय चुनाव में बीजेपी की बेईमानी के खिलाफ आज जयपुर में राजस्थान कांग्रेस निर्वाचन आयोग का घेराव और विरोध प्रदर्शन करने उतरी है। उन्होंने आमजन और समस्त कांग्रेस कार्यकर्ताओं से लोकतांत्रिक व्यवस्था और वोट के अधिकार की रक्षा के लिए तानाशाह सत्ता को जवाब देने की अपील की। प्रदर्शन स्थल पर लग रहे नारों को लेकर डोटासरा ने कहा कि व्यक्तिगत नारे लगाने के बजाए आज कांग्रेस के लिए काम करने की जरूरत है। अपनी बात आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि मेरे बाद कोई दूसरा आएगा, लेकिन कांग्रेस के लिए हमेशा काम करना है।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल खड़े हुए कहा कि SIR में करोड़ों नाम काट दिये गए। बड़े बड़े नेताओं के घर नोटिस भेजे गए। चुनाव आयोग भाजपा की कठपुतली बनी और ‘मुख्य चुनाव आयुक्त ने संसदीय संस्था का अपमान किया। वोट चोरी के खिलाफ आंदोलन देश बचाने की लड़ाई है। कार्यकर्ताओं को इस मुद्दे को घर-घर तक पहुंचाना होगा, डेमोक्रेसी को समाप्त करने के लिए ये गुंडागर्दी पर उतर आए हैं। करो या मरो जैसा मामला हो चुका है अब।
विरोध प्रदर्शन से पहले आयोजित सभा को नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ,जयपुर जिला अध्यक्ष सुनील शर्मा सहित अनेक नेताओं ने संबोधित किया।