एमपी में कांग्रेस को झटका,मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज

भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव में मंगलवार को बड़े राजनीतिक घटनाक्रम में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा खारिज कर दिया गया। भारतीय जनता पार्टी द्वारा उठाई गई आपत्ति के बाद यह निर्णय लिया गया। भाजपा का आरोप था कि मीनाक्षी नटराजन ने हैदराबाद की एक अदालत में लंबित मामले की जानकारी अपने नामांकन पत्र में उल्लेखित नहीं की, जिसके आधार पर उनके नामांकन की वैधता पर सवाल उठाए गए थे।

नामांकन पत्रों की जांच के दौरान पर्यवेक्षक द्वारा मीनाक्षी नटराजन को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। जवाब पर विचार करने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने उनका नामांकन निरस्त करने का फैसला सुनाया।

कांग्रेस ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रेरित बताते हुए फैसले का विरोध किया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है और उन्हें केवल अदालत से नोटिस प्राप्त हुआ था। उन्होंने दावा किया कि नामांकन रद्द करने का निर्णय तथ्यात्मक और कानूनी रूप से गलत है तथा कांग्रेस इस फैसले को अदालत में चुनौती देगी।

नामांकन जांच प्रक्रिया के दौरान विधानसभा परिसर में राजनीतिक तनाव भी देखने को मिला। कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच तीखी बहस, नारेबाजी और हंगामे की स्थिति बन गई। कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे और विक्रांत भूरिया ने रिटर्निंग ऑफिसर के कक्ष में प्रवेश करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस और विधानसभा सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोक दिया।

इसी बीच कांग्रेस अपने विधायकों को बाड़ाबंदी के तहत बेंगलुरु भेजने की तैयारी कर रही थी। पार्टी के लिए विशेष चार्टर्ड विमान भोपाल पहुंचा था, लेकिन एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा प्रारंभिक स्तर पर उड़ान की अनुमति नहीं दिए जाने से विवाद खड़ा हो गया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के दबाव में विमान को रोका जा रहा है। हालांकि करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद चार्टर्ड फ्लाइट को अनुमति मिल गई और शाम करीब साढ़े छह बजे विमान ने बेंगलुरु के लिए उड़ान भरी।

बताया गया कि विमान में 38 विधायक सहित कुल 75 लोग सवार थे। लेकिन उड़ान भरने के तुरंत बाद मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने की सूचना मिलने पर विमान को वापस लौटना पड़ा। इसके बाद कांग्रेस की आगे की रणनीति को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में इस घटनाक्रम को कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कांग्रेस अदालत में क्या कानूनी कदम उठाती है और राज्यसभा चुनाव की आगामी प्रक्रिया पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है।

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